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डकैती के बाद नेपाल में हिसाब

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फोटो 24- पुलिस की गिरफ्त में लूट का आरोपी - फोटो : Kaithal
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कैथल। अजय मार्केट में भाजपा नेता के भतीजे संजय तंवर के घर से नकदी व आभूषणों की डकैती की वारदात में दो घरेलू नौकरों के अलावा पांच अन्य युवक शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डकैती की योजना पहले से ही तैयार की गई थी। वारदात अंजाम देकर सात में से तीन आरोपी बस से तो चार आरोपी ट्रेन से होते हुए नेपाल तक पहुंचे।
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नेपाल में एक जगह एकत्रित होकर सातों युवकों ने डकैती की संपत्ति का बंटवारा किया। इसमें से गिरफ्तार किए गए योगेंद्र बहादुर के हिस्से तीन लाख नेपाली रुपये व जेवर आए थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि नकदी को उसने लुधियाना में छुपाया है। जेवरों को उसने उत्तराखंड में नेपाल बॉर्डर पर स्थित एक गांव में रखा है। इसके अलावा उसके साथ वारदात में शामिल युवक इस समय गुजरात के सूरत में हैं। पुलिस ने इन जेवरात की बरामदगी व सूरत में उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए आठ दिन का रिमांड हासिल किया है।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में डकैती के मामले में पकड़े गए योगेंद्र बहादुर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि पहले पूरी योजना बनाई गई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात में शामिल संजय तंवर के घर पर नौकर रखे गए प्रवीण का असली नाम कुमार बुल है। वहीं जिस आरोपी को अर्जुन बताया जा रहा है, उसका नाम ध्वज टमटा है। ध्वज टमटा को कुछ ही दिन पहले नौकरी पर रखा गया था। कुमार बुल व ध्वज टमटा दोनों ने अपने नाम बदल लिए थे।
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इन दोनों ने उसने अपने साथियों को जानकारी देख रखी थी कि उसके मालिक घटना के दिन परिवार सहित बाहर जाएंगे। घटना के दिन मैसेंजर से सभी ने एक दूसरे से संपर्क साधा। योगेंद्र बहादुर लुधियाना में घरेलू नौकर था। वह वहीं से वारदात के लिए यहां आया था। रात को सभी एकत्रित हुए। यहां वारदात को अंजाम देकर अलग-अलग होते हुए नेपाल जा पहुंचे। वहां से फिर अलग-अलग रास्ते पकड़ते हुए अपने-अपने कार्यों में व्यस्त हो गए। पुलिस अब सूरत में वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही गुजरात भी जा सकती है।
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