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Kaithal News: नहीं हुआ 25 नई बसों का बीमा, बजट का रोना

Mon, 17 Apr 2023 02:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल। एक महीने पहले भेजी गई रोडवेज की नई 25 बसें बीमा न होने के कारण बस अड्डा की वर्कशॉप में ही खड़ी हैं। अधिकारी ने इन बसों का बीमा करवाने के लिए विभाग से बजट नहीं मिलने का रोना रो रहे हैं। इन बसों के बीमा के लिए करीब छह लाख रुपये का बजट आना है। बजट के आने से ही बीमा अभी तक नहीं हो पाया है।
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दिसंबर 2022 से मार्च तक कैथल डिपो के बेड़े में 48 नई बसें शामिल हुई थी। इनमें से 25 बसें बीमा नहीं हो सका है। बसों का बीमा न होने के कारण अभी भी कई रूटों पर यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक तरफ जहां अब लगातार नई बसें कैथल डिपो के बेड़े में शामिल हो रही हैं, वहीं परिचालकों की कमी के कारण भी बसों का संचालन करने में कठिनाई सामने आ रही है। अभी भी कई लंबे रूटों पर बसों की कमी है।
शहर निवासी यात्री पुनीत शर्मा ने कहा कि वह मार्केटिंग का कार्य करता है। वह शाम और सुबह के समय अधिकतर कुरुक्षेत्र, चंडीगढ़ और हिसार की तरफ जाता है। जब दोपहर और शाम के समय जाना होता है तो इन रूटों पर बस नहीं मिल पाती है। इससे परेशानी होती है। वहीं सतपाल गोयल ने कहा कि वह भी अपने काम के सिलसिले में अधिकतर जींद की तरफ जाता है। शाम के समय बस नहीं मिलने से काफी कठिनाई होती है।
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कैथल डिपो की तरफ से यात्रियों को सुविधा देने के लिए अधिकतर लंबे रूटों पर बस सेवाएं दी जाती है। इस सेवा के तहत दिल्ली के लिए तो बसें पर्याप्त संख्या में चलाई जा रही हैं। हिसार, चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र व जींद के रूट पर बसों की कमी है। हिसार व चंडीगढ़ के लिए महज 15 बसें ही संचालित की जा रही है। यात्रियों की संख्या को देखते हुए इन रूटों पर करीब 30 बसों के चलाने की जरूरत है। इसके साथ ही जींद और कुरुक्षेत्र के रूट पर दोपहर और शाम के समय बसों की संख्या कम हो जाती हैं। यहां पर शाम के समय अंतिम बस का समय शाम सात बजे से पहले है। संवाद
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प्रतिदिन 20 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही
रोडवेज के आंकड़ों के अनुसार कैथल के बस स्टैंड से प्रतिदिन 20 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। कैथल से प्रतिदिन इतने यात्री देश की राजधानी दिल्ली व प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ और पंजाब आने-जाने के लिए यहां से बस पकड़ते हैं। नई बसों के आने के बावजूद संचालन न होने से यात्रियों को काफी समस्या होती है।
कोट
बसों का बीमा कराने के लिए धनराशि की मांग मुख्यालय से की गई है। धनराशि मिलने के तुरंत बादइन बसों का बीमा करवा दिया जाएगा। इसके बाद यह बसें रूट पर दौड़ने लगेंगी। - अजय गर्ग, महाप्रबंधक कैथल रोडवेज डिपो।

कैथल-चीका रूट पर सुबह के समय बसों की संख्या कम
संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। सुबह के समय नगर से होकर जाने वाली बसों की संख्या बहुत कम है। इस कारण दैनिक यात्रियों के अलावा स्कूल, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
नगर निवासी विजय सरदाना, गौरव वधवा, राज कुमार वधवा, ऋषि शर्मा, राजेंद्र सैनी, कृपाल सिंह, राकेश सरदाना, सुभाष गर्ग, रवि सैनी, नरेश मित्तल का कहना है कि सुबह के समय स्कूल व कॉलेज जाने वाले बच्चों की संख्या बहुत अधिक होती है। इसके साथ ही काम पर जाने वाले दैनिक यात्री भी बहुत अधिक हैं। सुबह के समय जो बसें सीवन से कैथल की ओर जाती हैं उनमें बहुत अधिक भीड़ होती है।
कई बार यात्रियों को दरवाजों में लटक कर या बसों की छत पर बैठकर यात्रा करनी पड़ती है। कई बार तो बस चालक अधिक भीड़ देख कर बसों को निर्धारित स्थान पर रोकते ही नहीं हैं और आगे पीछे रोक कर सवारियों को उतार देते हैं। लोगों ने मांग की है कि सुबह के समय बसों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए।
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