ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद आज से स्कूल खुल गए हैं। स्कूलों में पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही। किसी स्कूल में 20 तो किसी में 40 फीसदी तक विद्यार्थी पहुंचे। वहीं शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद भी कई विद्यालयों में सफाई नहीं हुई तो कई स्कूलों में उगी घास और वहां फैले पत्तों को भी साफ नहीं किया गया था। विभाग की ओर से पहले दिन स्कूलों में मिड-डे-मील तैयार करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई स्कूलों में मिड-डे-मील नहीं बन सका। यहां पर स्कूल प्रबंधन की ओर से बिस्कुट और अन्य सामान वितरित करना पड़ा।
गीता भवन मंदिर के पास स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की दोनों शाखाओं में पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही। माध्यमिक शाखा में 454 में से 97 और वरिष्ठ माध्यमिक शाखा में 1800 में से 600 छात्राएं पहले दिन उपस्थित हुईं। दोनों शाखाओं में पहले दिन विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील नहीं बन पाया।
कमेटी चौक स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पहले दिन 2000 में से करीब 400 विद्यार्थी कक्षाओं में पहुंचे। यहां 20 प्रतिशत विद्यार्थी ही विभिन्न कक्षाओं में मौजूद रहे। यहां भी स्कूल में मिड-डे-मील के लिए राशन नहीं पहुंचा। स्कूल के पास पहले से मौजूद राशन से विद्यार्थियों के लिए खाना बनाया गया। वहीं स्कूल प्रांगण में उगी बड़ी घास और पेड़ों के बिखरे हुए पत्तों के चलते सफाई का अभाव दिखाई दिया।
जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 1800 में से करीब 850 छात्राएं पहले दिन स्कूल में पहुंची। स्कूल में मिड डे मिल तो छात्राओं को बांटा गया, लेकिन विभाग की ओर से राशन उपलब्ध नहीं कराया गया। शिक्षकों ने बताया कि विभाग ने शनिवार को राशन पहुंचाने की बात कही है। तब तक उन्होंने खुद बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था की है। जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने कहा कि विभाग से जो भी निर्देश मिले हैं, उस बारे में अध्यापकों को अवगत करवाया गया है। यदि कहीं कोई कमी है तो उसका पता लगाकर उसे दूर किया जाएगा।