फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विस्तार अनाज मंडी में 42 दुकानों की नीलामी में बिकी 15 दुकानें

विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। जींद रोड पर बनाई गई विस्तार अनाज मंडी में अलग-अलग लोकेशन पर स्थित 42 दुकानों की शुक्रवार को हुई ऑनलाइन बोली में 15 दुकानें बिकी हैं। ऑनलाइन बोली प्रक्रिया के असमंजस व लोकेशन के कारण 27 दुकानों के लिए किसी आढ़ती ने बोली नहीं लगाई। अब जनवरी माह में फिर से बोली आयोजित की जाएगी। बोली के दौरान दुकानों का नंबर पता न चलने पर आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

जींद रोड पर मार्केटिंग बोर्ड ने शहर की तीसरी अनाज मंडी बनाई है। इससे पहले वर्ष 1896 में बनीं पुरानी अनाज मंडी सबसे पहले बनी थी। इसके बाद नई अनाज मंडी बनाई गई। करीब एक दशक से नई अनाज मंडी में भी जगह कम होने पर मार्केटिंग बोर्ड ने जींद रोड पर स्थित विस्तार अनाज मंडी बनाई थी, जिसमें कुल 351 दुकानें हैं। इनमें से 28 दुकानें पहले दो बार की बोली में आढ़तियों ने खरीद ली थीं। अब फिर से आयोजित ऑनलाइन बोली में 15 दुकानें ही बिक पाई हैं, जबकि 42 दुकानों की ऑनलाइन बोली रखी गई थी। आढ़ती धर्मपाल, कृष्ण कुमार व अन्य ने बताया कि उन्होंने बोली में भाग लिया। बड़ी ही जद्दोजहद के बीच ऑनलाइन बोली में उनकी एक दुकान रिजर्व हो पाई। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया में भाग लेने के बावजूद मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय में जाकर जानकारी हासिल करनी पड़ी। कई आढ़तियों के पास साइट ही नहीं खुल पाई। मार्केटिंग बोर्ड के सचिव सतबीर राविश ने बताया कि पूर्व में 28 दुकानें बोली पर छोड़ी जा चुकी हैं। इस बार की बोली में 15 दुकानें बिकी हैं। आढ़तियों ने उत्साह दिखाया है। जनवरी माह में फिर से बोली का आयोजन किया जाएगा। आढ़तियों की जो भी समस्याएं सामने आई हैं, उनका समाधान भी किया जाएगा।
बोली के समय दुकानों के नहीं बताए गए नंबर-
आढ़तियों ने बताया कि बोली के समय आढ़तियों को दुकानों के नंबर नहीं बताए गए, जिस कारण आढ़ती असमंजस में दिखे। ग्रुप अनुसार बोली करवाई गई। इसमें रखी गई 42 दुकानों के लिए छह ग्रुप बनाए गए थे। मुश्किल से आढ़तियों ने ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में भाग लिया।
विज्ञापन

36.47 से 68.48 लाख रुपये तक बिकीं दुकानें-
15 दुकानों में से दो दुकान 68.48 लाख रुपये, दो दुकान 64.63 लाख रुपये, एक 64.13 लाख, एक 64.68 लाख, दो 58.07, एक 58.92, एक 44.53, एक 41.53 लाख में बिकीं। जबकि पीछे की लोकेशन पर स्थित दुकानों में एक दुकान 36.47 लाख, एक 39.07, दो 37.37 लाख में बिकीं।
कई आढ़तियों के लिए दुकान खरीदना मजबूरी-
नई अनाज मंडी में अनेकों ऐसी दुकानें हैं, जिनके लाइसेंस का विवाद चल रहा है। ऐसे में कई आढ़तियों के लिए विस्तार अनाज मंडी में दुकानें खरीदना मजबूरी है, ताकि यदि नई अनाज मंडी की दुकान का उनका लाइसेंस रद्द होता है तो विस्तार अनाज मंडी में दुकान लेकर वे अपने काम को जारी रख सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें