गांव मांडी खुर्द निवासी 46 वर्षीय महिला की कोरोना वैक्सीन लगवाने के बात बिगड़ी तबीयत के कारण 11 दिन बाद मौत हो गई। परिजनों ने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ती चली गई। शनिवार अपराह्न तीन बजे उसे सांस लेने में भारी परेशानी हुई तो वे उसे नागरिक अस्पताल लेकर आए, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के आरोपों को नकारते हुए कहा कि वैक्सीन लगाने के बाद मौत नहीं हो सकती। रविवार को पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों और चिकित्सकों के बीच कहासुनी भी हुई। बाद में महिला की कोरोना जांच की गई तो उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। रिपोर्ट आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।
मांडी खुर्द में 24 अगस्त को ऊषा (46) ने कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। उसी दिन से उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे बुखार की शिकायत तो उसके पति समुंदर ने कहा कि पहले तो यह लगा कि वैक्सीन लगवाने के कारण एक-दो दिन तक बुखार हो सकता है, लेकिन ऊषा की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। उसका बुखार कम नहीं हुआ। बार-बार चिकित्सकों को दिखाया गया, लेकिन ऊषा ठीक नहीं हुई। तीन दिन से ऊषा को सांस लेने में परेशानी होने लगी। शनिवार को दिन में उसकी तबीयत अधिक खराब हो गई। जब अपराह्न तीन बजे उसे लेकर नागरिक अस्पताल गए तो चिकित्सकों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।
समुंदर ने कहा कि उसकी पत्नी की मौत कोरोना वैक्सीन लगाने के कारण हुई है। क्योंकि इससे पहले वह कभी बीमार नहीं पड़ी। वैक्सीन के बाद उसे लगातार बुखार रहा, जिसकी उसकी मौत हो गई। ऊषा को सांस लेने में भी अधिक परेशानी हो रही थी। शनिवार को देर होने के कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। रविवार को दोपहर एक बजे ऊषा के शव का पोस्टमार्टम हो पाया। पुलिस ने समुंदर के बयान दर्ज कर विसर जांच के लिए भेज दिया है।
जानबूझकर पोस्टमार्टम करने में देरी करने का आरोप
समुंदर ने कहा कि शनिवार को देर हो गई थी, लेकिन रविवार को वह सुबह ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवाने लग गए थे। पुलिस ने भी बयान दर्ज करके अपनी कार्रवाई पूरी कर दी थी। लेकिन चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। इसके बाद चिकित्सकों के साथ इस पोस्टमार्टम में देरी को लेकर कहासुनी भी हुई। बाद में कोरोना जांच की गई। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया।
आर्थिक सहायता की मांग
समुंदर ने कहा कि उसकी पत्नी की मौत कोरोना वैक्सीन लगाने के कारण हुई है। उसकी दो लड़कियां 11 साल की खुशी तथा नौ साल की नीता हैं। वह एक एकड़ का किसान है। खेती करके ही अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। कोरोना वैक्सीन ने उसकी पत्नी की जान ली है। इसलिए उसे आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वह अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सके।
ऊषा की मौत की सूचना शाम को ही मिल गई थी। सुबह पुलिस कर्मचारी भेजकर परिजनों के बयान दर्ज करवाए गए थे। समुंदर ने अपनी पत्नी की मौत का कारण कोरोना वैक्सीन बताया है। पुलिस ने इत्फाकिया कार्रवाई की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस अगली कार्रवाई की जाएगी। -बीरबल, थाना प्रभारी अलेवा।
कोरोना वैक्सीन से महिला की मौत नहीं हुई है। मौत का कारण कोई अन्य बीमारी होगी। मृतका की कोरोना जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया। पोस्टमार्टम को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ। पूरी कागजी कार्रवाई के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाता है। इसमें कुछ समय जरूर लगा होगा। कोरोना जांच करने में भी कुछ समय लगा। किसी को बेवजह परेशान करने का चिकित्सकों का कोई इरादा नहीं होता। -डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ।
नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर बैठे मृतका के परिजन। संवाद- फोटो : Jind
ऊषा का फाइल फोटो- फोटो : Jind