जींद। प्रदेश के निजी उद्योगों में नौकरियों में अब 75 प्रतिशत पद हरियाणा निवासी युवाओं के लिए आरक्षित हो गया है। इससे युवाओं में खुशी है। युवाओं का कहना है कि आरक्षण के मिलने के बाद प्रदेश के युवाओं को नौकरियों के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। इससे दिल्ली सहित बड़े शहरों की जगह प्रदेश में ही नौकरी मिल जाएगी। युवाओं ने इस फैसले को सही बताया है। उनका कहना है कि आरक्षण मिलने से स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा। दूसरे राज्यों में युवाओं को जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बेरोजगारी में कमी आएगी।
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सरकार का अच्छा फैसला है। सरकार ने प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत नौकरी हरियाणा के युवाओं के लिए आरक्षित करवा दी है। इससे हम प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह व्यवस्था लागू होने से निजी क्षेत्र में प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुल जाएंगे। जो कंपनी अपने कर्मचारियों की जानकारी छिपाएंगी तो उस पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
-अमित।
निजी क्षेत्र के उद्योग अब हरियाणा के युवाओं का हक नहीं मार सकेंगे। सरकार ने बहुत कड़े नियम बनाए हैं। अब निजी कंपनी हरियाणा से बाहर के युवाओं को नौकरी पर रख रिकॉर्ड में उन्हें हरियाणा का नहीं दिखा पाएंगी। इससे पहले फैक्टरियों में प्रवासी लोगों को ज्यादा काम दिया जाता था। प्रदेश के युवाओं को काम नहीं मिल पाता था। सरकारी नौकरियां कम हो गई हैं। अब कुछ युवाओं को राहत मिलने का अनुमान है।
-पवन।
निजी क्षेत्र के युवाओं के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण देना सरकार का अच्छा निर्णय है। इससे युवा बेरोजगार नहीं रहेंगे। इससे पहले प्रदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियों में बाहर के युवाओं को काम दिया जाता था। अब प्रदेश के युवा कंपनियों में काम कर सकेंगे। प्रदेश के युवाओं को अब दूसरे राज्य में काम तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश में ही युवाओं को कंपनियों व फैक्टरियों में काम मिल जाएगा।
-दीपक।
इससे पहले दूसरे राज्यों के युवा ज्यादा कंपनियों में काम करते थे। इससे प्रदेश के युवाओं में बेरोजगारी बढ़ रही थी। विदेशों की तरफ भी लोगों का रुझान हो गया था। अब 75 प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद युवाओं को विदेश सहित अन्य राज्यों की तरफ नहीं जाना पड़ेगा। युवाओं को अपने प्रदेश में ही काम मिलेगा। इससे बेरोजगारी में कमी आएगी। इससे युवाओं को काफी हद तक राहत मिलेगी।
-सचिन।