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घर से बाहर निकलते समय पेय पदार्थ पीकर निकलें और सिर पर रखें कपड़ा : डॉ भोला

Tue, 15 Apr 2025 01:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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जींद। बदलते मौसम में लोगों के बीमार होने का ज्यादा डर रहता है। अब बरसात के बाद मौसम में तापमान ज्यादा बढ़ेगा। रात को ठंड और दिन में गर्मी के कारण मौसमी बीमारियों का ज्यादा प्रकोप होता है। इनसे बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सावधान होने की जरूरत है। उन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर होती है। बदलते मौसम के अनुसार, जीवन-शैली में कुछ बदलाव करने की जरूरत है।
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सुबह के वक्त ठंडी हवा, दिन में गर्मी और शाम होते-होते फिर ठंड। यह बदलता मौसम आपको बीमार कर सकता है। कुछ सावधानियां बरतकर आप इससे बच सकते हैं। मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। हल्की गर्मी भी महसूस होने लगी है, लेकिन बीच-बीच मौसम बदलने और बारिश होने की वजह से ठंड का अहसास अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यही वजह है कि इस बदलते मौसम में लोग जुकाम, बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों में जलन, पेट दर्द, फ्लू और एक्जिमा जैसी कई बीमारियों का शिकार होने लगे हैं। इस मौसम में अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें भी बढ़ जाती हैं। बीमारियों का उन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है। जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर होती है। ऐसे में जरूरत है कि बदलते मौसम के अनुसार, जीवन-शैली में कुछ बदलाव किए जाएं। ऐसे में जो लोग दोपहर को बाहर से आते हैं, उन्हें घर आते ही पंखा चलाने की इच्छा महसूस होती है, लेकिन ऐसी गलती भूलकर भी न करें, क्योंकि बीमारी की सबसे बड़ी वजह यही है। इससे सर्दी-गर्मी हो जाती है। इससे कुछ देर बाद बुखार महसूस होने लगता है। इसलिए जब भी बाहर से आए, गर्मी महसूस हो तो भी पंखा न चलाएं, बल्कि कुछ देर आराम से बैठें। तापमान अपने आप सामान्य लगने लगेगा।

जिन्हें जल्दी जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां जकड़ लेती हैं, उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। ऐसी महिलाओं को अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाएं। आप ग्रीन टी या ब्लैक टी पी सकती हैं, लेकिन दिन में केवल एक या दो कप ही पीएं। इसे ज्यादा पीना नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा आप कच्चा लहसुन, दही, ओट्स, विटामिन डी और सी युक्त पदार्थ, जैसे कि नींबू और आंवले का सेवन कर सकते हैं।
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डॉ. विनिता फिजिशियन नागरिक अस्पताल




बदलते मौसम में मूड स्विंग ज्यादा होता है, इसलिए आप आहार में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा मात्रा में लें। यह आहार मूड स्विंग और अवसाद से दूर रखता है और दिल-दिमाग को अच्छा महसूस कराता है। चावल, गेहूं, सेब और ड्राई फ्रूट्स में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा पाया जाता है। आप अपने आहार में विटामिन डी को भी शामिल करें। इस मौसम में फल और सब्जियों का ज्यादा सेवन करना चाहिए, खासतौर पर हरी सब्जियों का। गाजर, मूली, टमाटर जैसी सब्जियां अधिक मात्रा में लेनी चाहिए, क्योंकि इन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपको बीमारियों से बचाते हैं। ठंडी आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और बाहर के खाने से परहेज करना चाहिए।
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-डॉ. राजेश भोला डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद।
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