जींद/नरवाना/उचाना। सरकार को किसानों की कृषि कानून वापस लेने की मांग को मानना ही होगा। यह बात इनेलो नेता अभय चौटाला ने कही। वह शनिवार को ट्रैक्टर यात्रा के साथ बद्दोवाल और खटकड़ टोल पर धरना दे रहे किसानों के बीच पहुंचे थे।
धरने पर उन्होंने डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पर निशाना साधते हुए कहा कि जो अपने परिवार का नहीं हुआ, वह किसानों का कैसे हो सकता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे 26 जनवरी को अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचें। नरवाना में अभय चौटाला ने कहा कि वे ऐसे लोगों को लेकर कोई भी टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि ऐसे लोग सिर्फ अपना मतलब निकालते हैं। जनता व परिवार क्या चाहते हैं, इससे उनका कोई लेना-देना नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती किसानों पर कृषि कानून थोप रही है।
चीनी मिल के पास किसानों के लिए भंडारा जारी
ट्रैक्टर यात्रा के दौरान अभय चौटाला ने चीनी मिल के पास चल रहे किसानों के भंडारे में जलपान किया। उन्होंने कहा कि जिस मजबूती से देश के किसान डटे हैं, इससे जीत तय है। किसान सभा के राज्य अध्यक्ष फूल सिंह श्योकंद ने बताया कि 18 जनवरी को पूरे देश में महिला किसान दिवस मनाया जाएगा। जींद में छह टीम महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं।
18 जनवरी को मनाया जाएगा महिला किसान दिवस
खटकड़ टोल पर किसान कानूनों के विरोध में जारी धरने पर 18 जनवरी को महिला किसान दिवस मनाया जाएगा। यह जानकारी महिला सिक्कम श्योकंद ने दी। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी को महिला दिवस पर महिला मंच संचालन करेंगी तो महिला आसपास के गांवों से ट्रैक्टर चला कर धरना स्थल पर पहुंचेंगी। आंदोलन में महिलाओं की भूमिका अहम है। वहीं, 26 को ट्रैक्टर परेड के लिए भारतीय किसान यूनियन रविवार को जाट धर्मशाला में योजना बनाएगी। भाकियू के जिला प्रधान लीलू राम ढोचक ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कर्म सिंह मधाना शिरकत करेंगे।
धरना स्थल पर लगाया स्वास्थ्य जांच शिविर
किसान आंदोलन के समर्थन में शनिवार को नरवाना के श्रीराम फिजियोथैरपी अस्पताल की ओर से बद्दोवाला टोल प्लाजा पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। फिजियोथैरपिस्ट डॉ. योगेश जाखड़ व फिजिसियन डॉ. प्रवाज भाजवा ने लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। डॉ. योगेश जाखड़ ने बताया कि शिविर में 162 लोगों का स्वास्थ्य जांचा गया।
राजनीति से ऊपर उठकर किसानों का दें साथ सांसद-विधायक : खटकड़
किसान आंदोलन को केंद्र सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में भी किसानों को वार्ता के लिए लगातार तारीख पर तारीख मिल रही हैं। प्रदेश के सभी विधायक व सांसदों को राजनीति से ऊपर उठकर किसानों के समर्थन में आकर उनकी आवाज को बुलंद करना चाहिए। यह कहना है उचाना विकास संघर्ष समिति के प्रधान अनुराग खटकड़ का। खटकड़ ने कहा कि आज किसान अपनी फसल और नस्ल को बचाने के लिए ठंड में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर है, लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात है सरकार अपनी जिद पर अड़ी है। देश का बुजुर्ग, नौजवान, हमारी माताएं, बच्चे धरने पर डटे हैं। सरकार को तानाशाही रवैया छोड़कर तुरंत प्रभाव से कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए।