जींद। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल जींद में प्रदूषण स्तर सुधारने के प्रयास हो रहे हैं। प्रशासन ने खास अभियान के तहत लघु सचिवालय के पीछे पेड़ों पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से पानी का छिड़काव करवाया गया। हालांकि बाहरी क्षेत्रों में निर्माण स्थलों पर अब भी धूल उड़ रही है, लेकिन यहां प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। वीरवार को जींद में शाम पांच बजे एक्यूआई 354 दर्ज किया गया।
दरअसल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का जींद का प्रदूषण बताने वाला यंत्र बीडीपीओ कार्यालय में लगा हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने योजना बनाई है कि उपकरण के आसपास के क्षेत्र का प्रदूषण स्तर कम रहे। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ मुनीष यादव ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद से मुलाकात कर पानी का छिड़काव करवाने को कहा। इसके चलते दोपहर बाद करीब तीन बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाकर लघु सचिवालय के पीछे खाली मैदान, हवा में व पेड़ों पर पानी का छिड़काव करवाया गया।
छिड़काव के बाद सुधरा प्रदूषण का स्तर
छिड़काव का असर यह हुआ कि लघु सचिवालय स्थित बीडीपीओ कार्यालय पर रखे गए सीएएक्यूएमएस उपकरण ने प्रदूषण का स्तर कम दिखाना शुरू कर दिया। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि यह प्रयोग के तौर पर करके देखा गया है। इसके परिणाम के अनुसार अन्य स्थानों पर ही ऐसा पर भी किया जाएगा।
दिन भर 400 के पार रहा एक्यूआई
समय एक्यूआई
10 सुबह 401
11 सुबह 412
12 दोपहर 414
01 दोपहर 404
02 दोपहर 400
03 दोपहर 384
04 शाम 365
05 शाम 354
06 शाम 164
सड़कों पर पानी छिड़काव का काम बंद
वहीं दूसरी ओर नगर परिषद ने सड़कों पर किया जा रहा पानी का छिड़काव भी बंद कर दिया है। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार छिड़काव के लिए दो ट्रैक्टर लगाए गए थे। इनकी मंजूरी बुधवार को समाप्त हो गई है। ऐसे में वीरवार से छिड़काव का काम भी बंद हो गया है। हालांकि मंजूरी के लिए पत्र लिखा गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ मुनीष यादव ने बताया कि प्रदूषण का स्तर मापने वाला यंत्र बीडीपीओ कार्यालय के ऊपर रखा गया है। यहां कई बार लोग कूड़े में आग लगा देते हैं। ऐसे में धूआं बढ़ जाता है। ऐसे में छिड़काव करवाया गया है। इसके बाद अन्य स्थानों पर भी यह प्रक्रिया की जाएगी।
निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहन ढक कर चलेंगे
प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक हुड्डा ने सभी विभागों को पत्र लिख कर सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में लिखा गया है कि सभी परियोजनाओं में निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहन ढक कर चलें।