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जुलाना क्षेत्र की प्यास बुझाने के लिए 44 करोड़ रुपये की योजना तैयार

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रधाना गांव में कुएं से पानी भरती महिलाएं। - फोटो : amar ujala
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करीब दो महीने पहले निडाना गांव में पेयजल की तलाश में पांच युवकों की मौत के बाद प्रशासन ने जुलाना क्षेत्र को पेयजल मुहैया करवाने की योजना बनाई है। 44 करोड़ 34 लाख रुपये की इस योजना के तहत करीब 20 गावों में नहरी पेयजल पहुंचाने पर काम किया जाएगा। हालांकि अभी इसको सरकार की स्वीकृति नहीं मिली है। दरअसल जुलाना क्षेत्र के अधिकतर गांवों में या तो जलघर है, या फिर वह पास के गांव के जलघर से जुड़ा हुआ है।
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इसके बावजूद अधिकतर गांवों में पेयजल की भंयकर किल्लत है। फिलहाल गांवों की पेयजल व्यवस्था 24 के बाद नहर आने के अनुसार बनाई गई है, लेकिन नहरों में 32 से 40 दिन के बाद पानी आ रहा है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रहा है। अब इस योजना से जलघरों के लिए नहरों से कच्चा पानी उठाने की स्कीम बनाई गई है। बॉक्स इन गांवों को होगा लाभ क्लसटर एक देवरड़ गांव : 4533 आबादी वाले देवरड़ गांव में जलघर माइनर से पांच किलोमीटर दूर है। यहां 350 मिली मीटर डाया की पाइप से पानी जलघर तक पहुंचता है। जनस्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस पाइप लाइन में गाद जमने के बाद पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

देश खेड़ा ग्राम समूह: इस परियोजना में देश खेड़ा व राजगढ़ गांव शामिल हैं। दोनों गांवों के लिए पेयजल फिलहाल कमाचखेड़ा माइनर से मिल रहा है, लेकिन माइनर में पानी की मात्रा कम होने के कारण जलघर में कच्चे पानी की समस्या बनी रहती है। -योजना: नई योजना के तहत सुंदर ब्रांच नहर से टैंक बनाकर पंपिंग मशीन से लोहे की पाइपों से पानी लाया जाएगा। इस पर 1249 लाख रुपये खर्च आने की संभावना है।
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क्लटर दो - बुवाना और बूराडहर, बराड़ खेड़ा, बहबलपुर, बीबीपुर व इगराह गावों में आसपास की माइनरों से पेयजल मुहैया करवाया जा रहा है इन माइनरों में पानी कम होने के कारण लोगों को दिक्कत आ रही है। योजना: नई योजना के तहत सुंदर ब्रांच से टैंक बनाकर पानी जलघरों को भेजा जाएगा। इस पर 1357 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

क्लसटर तीन इस क्लसटर में ढिगाना, निडाना, शामलो खुर्द, अनूपगढ़, निडानी, पडाना, रधाना और अशरफगढ़ गांव शामिल हैं। इन गांवों को भी आसपास की माइनरों से ही पानी मुहैया करवाया जा रहा है, लेकिन माइनरों में पानी कम होने के कारण अब दिक्कत आ रही है। योजना:ऐसे में इस क्लसटर में भी सुंदर ब्रांच नहर से पानी टैंक बनाकर जलघरों तक लाया जाएगा और इसके बाद समस्या का निवारण होगा। इस पर 1828 लाख रुपये खर्च होंगे। वर्जन जुलाना क्षेत्र में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा योजना बनाई गई है। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। योजना को सरकार की मंजूरी मिलने के बाद बजट मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। बीपी शर्मा, एक्सईएन(जनस्वास्थ्य विभाग)
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