जिला परिवेदना समिति की शुक्रवार को आयोजित बैठक में बार-बार बिजली ट्रिप होने से भड़के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बिजली निगम जींद के कार्यकारी अधिशासी अभियंता(एक्सईएन) अनुपम कटियार को निलंबित कर दिया।
विज ने निगम के अधिकारियों को नसीहत की दी कि जब मीटिंग में ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था सही नहीं है तो आम जनता किस हाल में होगी। कटियार के अलावा ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने पर विज ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एएफएसओ ओमप्रकाश वर्मा एवं आईएफएस संदीप लाठर को भी सस्पेंड कर दिया और दो पुलिसकर्मियों की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री विज सुबह जिला परिवेदना समिति की मीटिंग में भाग लेने पहुंचे थे। बैठक शुरू होते ही बिजली कट लगने लगे। बिजली के बार-बार ट्रिप होने पर मंत्री भड़क गए और पूछा बिजली निगम का एक्सईएन कौन है। इस पर जैसे ही एक्सईएन अनुपम कटारिया आगे आए, विज ने पूछा कि यह क्या व्यवस्था है। देखो एसपी साहब को पसीना आ रहा है...ये एसी लगे हैं या डब्बे है। बार-बार बिजली क्यों ट्रिप कर रही है।
उन्होंने कहा कि ‘तुम्हारे बस की सरकारी नौकरी नहीं है, इसे छोड़कर दुकान खोल लेनी चाहिए’ मंत्री ने बिजली अधिकारियों को यहां तक कह दिया कि, आप चाहते हो यहां काम नहीं हो, इसीलिए बिजली की यह व्यवस्था है। जनरेटर क्यों नहीं है? जैसे ही विज ने कटारिया को निलंबित किया,वहां मौजूद परिवेदना समिति के सदस्यों ने तालियां बजाकर इसका स्वागत किया। इसके बाद एक्सईएन मीटिंग से चले गए।
बैठक के दौरान ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दो अधिकारियों एएफएसओ ओमप्रकाश वर्मा एवं आईएफएस संदीप लाठर को किसी मामले की गलत तरीके से जांच करने के चलते निलंबित कर दिया। डीएफएसी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का केस भी दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं एक मामले में एएसआई बिजेंद्र तथा कर्ण सिंह की एक साल की वार्षिक वेतन वृद्धि तुरंत रोकने के निर्देश दिए।
किसी न किसी पर गिरती है गाज
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में विज लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हैं। उनकी इसी शैली के चलते फतेहाबाद में तत्कालीन एसपी संगीता कालिया से उनका विवाद चर्चा का विषय बन गया था। इसके बाद कालिया को फतेहाबाद से स्थानांतरित कर दिया गया। विज अपनी हर मीटिंग में किसी ने किसी अधिकारी के खिलाफ सख्त फैसला लेते हैं। पिछले दिनों ने फतेहाबाद में बैठक के दौरान ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने पर एफएसओ को निलंबित कर दिया था।