संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस जुलाना में रविवार को कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने खुलकर विधायक के सामने फोन नहीं उठाने और हलके में नहीं आने पर नाराजगी जताई। अपनी समस्याएं भी विधायक के सामने रखीं। इस पर विनेश ने व्यस्तता का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं से माफी मांगी।
बैठक के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि विधायक जी आप फोन नहीं उठातीं और क्षेत्र में पर्याप्त समय नहीं दे रही हैं। कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से शिकायत करते हुए कहा कि आप करीब पांच महीने बाद हलके में पहुंची हैं जिससे संगठन के कार्यकर्ताओं में निराशा है। इस पर विनेश फोगाट ने कहा कि खेल संबंधी ट्रायल और अन्य जिम्मेदारियों के कारण क्षेत्र को अपेक्षित समय नहीं दे सकीं। आपका गुस्सा जायज है और उसका सम्मान करती हूं।
कई मोर्चों पर कर रही हूं संघर्ष : विनेश
फोगाट ने कहा कि वह एक साथ कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही हैं और खेल जगत में भी प्रदेश व देश का नाम रोशन करने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने जितनी शिकायतें की हैं, उससे अधिक की उम्मीद उन्हें थी। हलके की मजबूती और संगठन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं के कंधों पर भी है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण का भी मुद्दा उठाया
विनेश फोगाट ने कहा कि उन पर कई तरह के आरोप लगाए जा सकते हैं लेकिन उन पर भ्रष्टाचार का आरोप कभी नहीं लग सकेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता बनकर काम करने का आह्वान किया और संगठन को व्यक्ति से ऊपर रखने की बात कही। विधायक ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वोट बनाने और काटने की प्रक्रिया पर नजर रखनी चाहिए और पूरी सतर्कता के साथ कार्य करना चाहिए।
महत्वपूर्ण बॉक्स....
भाजपा वाले खेल छोड़ दें तो मैं भी राजनीति छोड़ दूंगी : विनेश
डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के बयान पर विधायक विनेश फोगाट ने कहा कि डिप्टी स्पीकर को अपनी हैसियत के हिसाब से बयान देना चाहिए। व्यक्तिगत कटाक्ष करना उन्हें शोभा नहीं देता। यदि भाजपा वाले खेल छोड़ दें तो वह भी राजनीति छोड़कर वापस मैदान में लौट जाएंगी। खिलाड़ी किसी जाति या प्रदेश का नहीं होता, वह सिर्फ तिरंगे के लिए लड़ता है। खेल को सियासत से दूर रखना चाहिए। डिप्टी स्पीकर ने विनेश पर टिप्पणी की थी कि उन्हें हलके में आकर लोगों की समस्याएं जाननी चाहिए।