उचाना। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को खापड़ में रैपिड फीवर मास सर्वे अभियान चलाया। अध्यक्षता एमपीएचएस जगदेवन ने की।
इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को मलेरिया के खिलाफ जागरूक किया। बचाव और उपचार की जानकारी दी। स्वास्थ्य कर्मचारी संजय कुमार ने बताया कि सर्दी और कंपकंपी के साथ तेज बुखार आना, सिरदर्द, उल्टी होना, बुखार उतरते समय अधिक पसीना आना तथा एक दिन छोड़कर या तीसरे दिन बुखार आना मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर जांच करवाकर चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उपचार लेना चाहिए। मलेरिया की दवा खाली पेट नहीं लेनी चाहिए। एक वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को बिना चिकित्सकीय सलाह के उपचार नहीं दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर गुरदेव, नीरज, सुनील, बिजेंद्र, सुनीता मौजूद रही।