धरनास्थल पर एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बातचीत करते ग्रामीण। संवाद
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अंडरपास की मांग के लिए गांव किलाजफरगढ़ के ग्रामीण 10 दिन से धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को जैसे ही ग्रामीणों को एनएचएआई के मैनेजर के आने की भनक लगी तो वे सड़क पर खड़े हो गए। लगभग 12 बजे मैनेजर अपनी टीम के साथ किलाजफरगढ़ पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनसे अंडरपास की मांग की, लेकिन उन्होंने डीसी से बातचीत का हवाला देकर चलते बने। ग्रामीणों ने तुरंत टीम को रोक लिया और धरने पर ले गए। सूचना पाकर जुलाना थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत किया। ग्रामीणों ने एनएचएआई के अधिकारियों से धरने पर अंडरपास की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करके स्कूल जाना पड़ रहा है। कई बार स्कूल के आगे अंडरपास की मांग को लेकर उच्च अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी सुनी नहीं जा रही है। कई बार तो स्कूल जाते समय बच्चों के साथ हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इस ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है।
ग्रामीणों की मांग की कि जींद-रोहतक राजमार्ग पर स्कूल के पास अंडरपास बनाया जाए, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी न हो। ग्रामीणों ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि दो दिन में अंडरपास बनाने की अनुमति नहीं मिली तो वे जींद-रोहतक मार्ग को जाम कर देंगे। एक घंटे बाद ग्रामीणों ने टीम को जाने दिया।
बच्चों को जींद-रोहतक मार्ग को पार करके ही स्कूल जाना पड़ता है। इससे बच्चों की जान को खतरा रहता है। ग्रामीणों की मांग है कि स्कूल के आगे जींद-रोहतक मार्ग पर अंडरपास बनाया जाए। कुलदीप सिंह, सरपंच किलाजफरगढ़।