बारिश के बाद यूरिया की मांग काफी बढ़ गई है, लेकिन आपूर्ति नहीं हो रही है। बुधवार को हरियाणा के जींद जिले के किसान यूरिया के लिए परेशान रहे। पिल्लूखेड़ा में किसानों ने पुलिस थाना के बाहर जाम लगा दिया तो नरवाना में भी जमकर हंगामा किया। इसके अलावा उचाना व सफीदों में भी खाद लेने के लिए लंबी लाइन लगी रही। खाद के लिए महिलाओं को भी लाइन में लगना पड़ रहा है।
यूरिया की कमी के चलते किसानों ने पिल्लूखेड़ा थाने के सामने जींद-सफीदों मार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम की सूचना के बाद पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने किसानों को समझाकर शांत कर जाम को खुलवाया। पिल्लूखेड़ा में यूरिया खाद की कमी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। बुधवार को पिल्लूखेड़ा थाने में यूरिया खाद की पर्चियां काटी जा रही थी। खाद के बैगों की संख्या कम थी। इसके चलते किसानों का धैर्य जवाब दे गया और थाने के सामने ही जींद-सफीदों मार्ग को जाम कर दिया।
किसानों का कहना था कि बारिश के बाद गेहूं की बढ़ोतरी के लिए यूरिया खाद की बहुत आवश्यकता है, लेकिन पिल्लूखेड़ा में यूरिया खाद बहुत कम मात्रा में आ रहा है। इतना ही नहीं, यूरिया खाद के लिए महिलाएं व लड़कियां भी लाइनों में लगने को मजबूर हैं। खंड कृषि अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र व एडीओ रविंद्र अपनी टीम के साथ यूरिया खाद को बंटवाने में लगे हुए हैं, लेकिन यूरिया खाद के बैग कम आ रहे हैं और लेने वाले किसानों की संख्या अधिक है।
उचाना की पुरानी मंडी व रजबाहा रोड पर निजी दुकानों में यूरिया खाद आया। सुबह ही मंडी में किसान पहुंचे लगे थे। कड़ाके की ठंड में अपनी फसल को खराब होने से बचाने के लिए यूरिया खाद लेने के लिए लंबी लाइनों में किसान लगे नजर आए। कई घंटे लाइनों में लगकर किसानों को यूरिया लेने के लिए इंतजार करना पड़ा। आधार कार्ड पर किसानों को यूरिया के बैग दिए गए। महिलाएं भी काफी संख्या में खाद लेने के लिए पहुंचीं। किसान रमेश, विनोद, कर्मबीर, नरेंद्र ने कहा कि यूरिया खाद की किल्लत होने से परेशानी हो रही है। सेल्समैन सतीश ने कहा कि यूरिया खाद आने पर किसानों को खाद बांट दिया गया।
सफीदों में यूरिया खाद को लेकर मारामारी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को भी पुरानी अनाज मंडी में अनेक वितरकों के पास लाइन में लगकर किसानों ने 8000 बैग यूरिया के लिए।
खाद आने की खबर लगते ही काफी तादाद में किसान मंडी में वितरकों के यहां पहुंच गए। वितरकों के द्वारा किसानों को प्रति आधार कार्ड पर 5 बैग यूरिया दिया गया। कम मात्रा में यूरिया आने के कारण सभी किसानों को खाद नहीं मिल पाया तथा बहुत से किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। किसानों का कहना था कि खेतों में यूरिया की जरूरत है तथा यूरिया के बिना उनकी फसलें खराब हो रही हैं। उन्हें प्रति आधार कार्ड महज पांच बैग ही दिए जा रहे हैं, जबकि उन्हें यूरिया की ज्यादा जरूरत है। किसानों का कहना है कि बारिश होने के उपरांत खेतों में यूरिया की बेहद आवश्यकता है।
फिलहाल जिले में यूरिया की कमी बनी हुई है। इसके चलते परेशानी है। जल्द ही काफी संख्या में यूरिया आना है। इसके बाद किसानों को कोई कमी नहीं रहेगी। - डॉ. नरेंद्र पाल लालका, गुणवत्ता नियंत्रक, कृषि विभाग।