नरवाना। तीन दिन पहले लोहड़ी के पर्व पर हुए सड़क हादसे में घायल धरौदी गांव के दो युवकों की उपचार के दौरान मौत हो गई। दोनों के शव गांव पहुंचते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के श्मशान घाट में दोनों युवकों का अंतिम संस्कार कर दिया है।
13 जनवरी की सायं लोहड़ी के पर्व पर नरवाना-टोहाना मार्ग पर मां काली मंदिर के समीप एक तेज रफ्तार स्कार्पियो गाड़ी ने बाइक को सामने से टक्कर मार दी थी। बाइक पर धरौदी निवासी ईश्वर, प्रदीप उर्फ दीपू और रवि सवार थे जो नरवाना से अपने गांव लौट रहे थे।
स्कार्पियो गाड़ी रॉंग साइड से आ रही थी और टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से घायलों को तुरंत नरवाना के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से चिकित्सकों ने ईश्वर और प्रदीप उर्फ दीपू की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जबकि रवि का उपचार सिविल अस्पताल नरवाना में चलता रहा। अग्रोहा में उपचार के दौरान 14 जनवरी को प्रदीप उर्फ दीपू और 15 जनवरी को ईश्वर ने दम तोड़ दिया।
दोनों मृतक नरवाना में राजमिस्त्री का कार्य करते थे और रोज की तरह काम खत्म कर गांव लौट रहे थे। तीनों युवक गांव की एक ही गली में रहते हैं। प्रदीप उर्फ दीपू अविवाहित था और परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी।
वहीं, ईश्वर के चार बेटियां और एक छोटा बेटा है। दोनों ही परिवारों के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। पुलिस ने हादसे के बाद स्कार्पियो चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। सदर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।