जींद। समय अवधि पूरी होने के बावजूद सड़कों पर दौड़ रही दो स्कूली बसों पर आरटीए की टीम ने 45 हजार 800 रुपये का जुर्माना लगाया। कार्रवाई के दौरान दोनों बसों को इंपाउंड भी कर दिया गया। वहीं छात्र-छात्राओं के रियायती पास मानने से इन्कार करने वाली दो निजी बसों से 12 हजार रुपये जुर्माना वसूला है।
आरटीए की टीम का निजी बसों और स्कूली बसों को लेकर लगातार अभियान चला रही है। टीम ने नरवाना क्षेत्र में अभियान चलाकर स्कूली और निजी बसों की जांच की। जांच के दौरान गुरुकुल खरल और खनौरी के दी रूट पब्लिक स्कूल की बस निर्धारित समय अवधि पूरी होने के बावजूद सड़कों पर दौड़ती मिली।
अधिकारियों ने दोनों बसों के दस्तावेजों की जांच की तो परमिट और फिटनेस अवधि समाप्त पाई गई। विभाग ने दोनों बसों को मौके पर ही इंपाउंड कर दिया। टीम ने गुरुकुल खरल की बस पर 13800 रुपये और खनौरी स्कूल की बस पर 32000 रुपये जुर्माना लगाया। अभियान के दौरान टीम ने बसों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की।
अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी सिलिंडर, फर्स्ट एड बॉक्स और इमरजेंसी गेट की स्थिति देखी। इसके अलावा बस चालकों और परिचालकों के लाइसेंस तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज भी जांचे गए। कई बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए गए।
रियायती पास नहीं करने पर लगाया जुर्माना
जांच के दौरान नरवाना से कैथल और नारनौंद चलने वाली दो निजी बसों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। शिकायत मिली थी कि निजी बस संचालक छात्र-छात्राओं के रियायती पास स्वीकार नहीं कर रहे हैं और उनसे पूरा किराया वसूला जा रहा है। टीम ने जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कैथल रूट की बस पर साढ़े सात हजार और नारनौंद रूट की बस पर साढ़े चार हजार रुपये जुर्माना लगाया। बस संचालकों को हिदायत भी दी कि यदि विद्यार्थियों के रियायती पास मानने से इनकार किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
यात्रियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। बिना फिटनेस, परमिट या सुरक्षा मानकों के विपरीत चलने वाले वाहनों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
-बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद