नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने को लेकर विद्यार्थियों के पास केवल दो दिन बचे हैं। वहीं निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देेने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। जिले में अब तक 200 से अधिक विद्यार्थियों का दाखिला हुआ है जबकि जिले में 1915 विद्यार्थियों ने नियम 134-ए के तहत परीक्षा उत्तीर्ण की है। 16 दिसंबर से दाखिला प्रक्रिया शुरू हुई थी।
पहले पहले शेड्यूल के अनुसार विद्यार्थी 24 दिसंबर तक दाखिला ले सकते थे। अब दाखिला लेने की समय अवधि को बढ़ा दिया गया था। 16 दिसंबर को जारी किए परीक्षा परिणाम के तहत जिन बच्चों को स्कूल अलॉटमेंट हुआ है इसमें अधिकतर बच्चों के अभिभावकों ने परिवार पहचान पत्र संख्या अंकित नहीं किया था। ऐसे में शिक्षा विभाग ने ऐसे बच्चों को रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ परिवार पहचान पत्र संख्या का विवरण संबंधित विद्यालयों और अभिभावकों से प्राप्त कर निदेशालय की ई-मेल पर भेजने के लिए निर्देश दिए थे। नियम 134-ए के तहत दाखिले दिलवाने के लिए अभिभावकों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देने की शिकायतें अधिकारियों से करते हैं। अधिकारियों द्वारा पत्र भेज कर निजी स्कूलों से जवाबदेही मांगी जाती है लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के चलते अभिभावकों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अभिभावकों का कहना है कि जब शिक्षा विभाग उनके बच्चों को दाखिला ही नहीं दिलवा सकता है तो इस परीक्षा को लेने का कोई औचित्य ही नहीं बनता है।
31 दिसंबर तक दाखिले ले सकते हैं विद्यार्थी
नियम 134-ए के तहत दाखिला लेने के लिए अभी दो दिन ही बचे हैं। अब विद्यार्थी 31 दिसंबर तक दाखिले ले सकते हैं। जिन अभिभावकों ने चयनित बच्चों के रजिस्ट्रेशन के साथ परिवार पहचान पत्र संख्या का विवरण नहीं दिया है वह यह विवरण अवश्य दे दें। अगर अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा दाखिला नहीं दिए जाने की शिकायत देता है तो उस पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। निजी स्कूलों को भी चाहिए कि वह बच्चों को दाखिला देना सुनिश्चित करें।
-सुशील कुमार जैन, खंड शिक्षा अधिकारी, जींद।