फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: हहह

Sun, 19 Apr 2026 12:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
18जेएनडी05: आशा ​खिलाड़ी अपने कोच के साथ।
विज्ञापन
रेखा रानी
विज्ञापन

जींद। शहर की जुड़वां बहनें आशा और गरिमा एथलेटिक्स में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। आशा 400 मीटर हर्डल, 800 मीटर और 400 मीटर दौड़ में मजबूत पकड़ बना चुकी हैं जबकि गरिमा 400 मीटर रेस में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
आशा ने वर्ष 2021 में अपना पहला राष्ट्रीय मुकाबला खेला था और इसके बाद हर साल राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का सिलसिला जारी रखा है। उनकी उपलब्धियों में 37वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, गुवाहाटी असम 2022 में 800 मीटर में कांस्य पदक प्रमुख है। इसके अलावा 20वें नेशनल जूनियर फेडरेशन कप अंडर-20 2022 में 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक और 17वीं नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में 800 मीटर में भी कांस्य पदक जीता।
विज्ञापन

आशा ने 66वें नेशनल स्कूल गेम्स 2022-23 भोपाल में 4 गुणा 400 मीटर रिले रेस में सिल्वर और 400 मीटर हर्डल में कांस्य पदक हासिल किया। 39वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024 भुवनेश्वर में 4 गुणा 400 मीटर मिक्स्ड रिले में सिल्वर और 400 मीटर हर्डल में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
इसके अलावा सीनियर नेशनल गेम्स 2025 देहरादून में 4 गुणा 400 मीटर महिला रिले में कांस्य और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 जयपुर में 400 मीटर हर्डल में कांस्य पदक भी उनके खाते में शामिल है।
वहीं गरिमा भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने 66वें नेशनल स्कूल गेम्स 2022-23 भोपाल में 4 गुणा 400 मीटर रिले में सिल्वर पदक जीता। हाल ही में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025-26 में 400 मीटर दौड़ में चौथा स्थान प्राप्त किया और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025-26 के लिए क्वालीफाई किया है। दोनों बहनों के पिता एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं जबकि माता गृहिणी हैं।
विज्ञापन

सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों खिलाड़ी प्रशिक्षक जसवंत सिंह और रोहतास के मार्गदर्शन में लगातार मेहनत कर रही हैं। आशा और गरिमा ने बताया कि उनका सपना ओलंपिक में खेलना है। वे इसके लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं। आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन करना है। संवाद

18जेएनडी05: आशा खिलाड़ी अपने कोच के साथ।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें