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जहां स्वार्थ नहीं हो वो होती है सच्ची मित्रता: मुनि मनीष

Mon, 24 Mar 2025 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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23जेएनडी24: श्रीएसएस जैन सभा स्थानक में मित्रता दिवस कार्यक्रम में पहुंचे साधक। संवाद - फोटो : संवाद
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उचाना। सुदर्शन संघ के अरुण चंद्र महाराज के सुशिष्य मनीष मुनि ठाणे-3 के सानिध्य में श्रीएसएस जैन सभा स्थानक में मित्रता दिवस मनाया गया। इसमें मुुख्य अतिथि के तौर पर उचाना विधायक देवेंद्र अत्री पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नपा प्रधान विकास काला ने की।
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मनीष मुनि ने कहा कि जब भी सच्चे मित्रता की बात चले तो भगवान श्रीराम, सुग्रीव व भगवान कृष्ण-सुदामा की बात जरूर चलती है। दोस्ती में अमीर-गरीब नहीं होता है। जहां स्वार्थ नहीं हो वह दोस्ती होती है। जहां स्वार्थ हो वह दोस्ती नहीं होती है। आज के दौर में सच्चे दोस्त मिलना बहुत मुश्किल है। मतलब के दोस्त ज्यादा होते हैं। एक-दूसरे की चर्चा-जुगली करके आपस में मनमुटाव करने वाले लोग दोस्त नहीं हो सकते हैं। ऐसे लोग सिर्फ जब तक आपके साथ रहेंगे, जब तक उनको फायदा आपसे होगा। मुनि ने कहा कि भगवान कृष्ण द्वारका के राजा थे। सुदामा गरीब होने पर जब अपने दोस्त के पास गया तो वहां उसे अंदर नहीं जाने दिया। जो द्वारपाल थे। जब भगवान कृष्ण को सुदामा के बारे में बताया तो भगवान कृष्ण नंगे पांव अपने बाल सखा से मिलने के लिए दौड़ पड़े। महारानी रुक्मिणी भी आश्चर्य में पड़ गई ऐसे कौन आया है। जिसके लिए खुद भगवान कृष्ण नंगे पांव दौड़ पड़े हैं। अपने बाल सखा से गले मिलने के बाद सुदामा को सिंहासन पर बैठकर उसके पांव भगवान कृष्ण ने धोए। भगवान श्रीराम ने सुग्रीव से मित्रता निभाते हुए बाली का वध किया। मित्र मन से बनते है। मित्र बनाने से पहले आपको कई बार सोचना पड़ेगा क्योंकि आज के युग में सच्चे मित्र मिलना बहुत मुश्किल है। इस मौके पर सुभाष कापड़ो, महाबीर पूनिया, चंद्रपाल शर्मा, सुभाष बनभौरी, रामनिवास करसिंधु, चांदी शास्त्री, सुरेश गर्ग, सत्यवान शर्मा, नरेश सौंगरी, अमित कापड़ो मौजूद रहे।
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