23जेएनडी20: नागरिक अस्पताल में तीन बच्चों के सफल ऑप्रेशन के बाद खुशी जताते हुए स्टॉफ। अस्पताल प
जींद। नागरिक अस्पताल में सुविधाओं की कमी के बावजूद भी पहली बार ट्रिप्लेट प्रेग्नेंसी का सफल ऑपरेशन किया गया। अस्पताल के गायनी वार्ड को लेकर आए दिन हर कोई सवाल उठाता है। इसके बावजूद भी नागरिक अस्पताल में पहली बार ट्रिप्लेट प्रेग्नेंसी (तीन बच्चों की गर्भावस्था) का सफल सीजेरियन ऑपरेशन किया गया। जो सामान्य सर्जरी से कहीं अधिक जटिल और जोखिम भरा होता है।
अस्पताल में इस तरह का आज तक पहला मामला आया है कि एक साथ तीन बच्चों को स्वस्थ जन्म दिया गया हो। बच्चाें को देखकर जच्चा व उसके परिजन बेहद खुश हैं। हालांकि ऐसे मामलों में मां और बच्चों की सेहत को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतनी होती है। यह गर्भावस्था उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आती है। ऑपरेशन की हर एक प्रक्रिया स्पाइनल एनेस्थीसिया से लेकर सुरक्षित डिलीवरी तक गहरी विशेषज्ञता और टीमवर्क की मांग करती है। चिकित्सकों ने इस कार्य को बेहतरी से किया और जच्चा व तीनों बच्चे स्वस्थ हैं।
जटिल सर्जरी करने का डाॅ. राशि ने पाया श्रेय
नागरिक अस्पताल में इस जटिल सर्जरी को कुशलता से अंजाम दिया डाॅ. राशि ने दिया। जिनकी स्टीक निर्णय क्षमता और संवेदनशील दृष्टिकोण ने मां और बच्चों को एक सुरक्षित जीवनदायिनी राह दी। डॉ. मृत्युंजय गुप्ता ने एनेस्थीसिया की बारीकियों को बखूबी संभालते हुए ऑपरेशन को सहज बनाने में अहम भूमिका निभाई। साथ ही नर्सिंग स्टाफ से कुलदीप और जन्नत व सपोर्टिंग स्टाफ से सरोज, सुनीता और टीम के अन्य सदस्यों ने भी अपना शत-प्रतिशत समर्पण दिखाया। सर्जरी के बाद मां और तीनों नवजात (दो बेटे और एक बेटी) पूरी तरह से स्वस्थ हैं। परिवार की आंखों में आभार, चेहरे पर मुस्कान और दिल में उम्मीद की एक नई रोशनी दिखी।
वर्जन नियमित गायनेकोलॉजिस्ट की नियुक्ति के बाद से अस्पताल में प्रतिदिन चार से पांच सफल ऑपरेशन हो रहे हैं। इससे पहले यहां पर कई बार गर्भवती महिलाओं को कुछ समय के लिए परेशानी जरूर महसूस होती थी। अब व्यवस्थाओं को गायनोकॉलोजिस्ट आसानी से संभाल रही हैं।
-डॉ. राजेश भोला डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद।