जींद। नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) शुरू कर दिया है। कोरोना महामारी के कारण यह दो साल से बंद पड़ा था। इसमें पांच वर्ष तक के कुपोषित बच्चों को दाखिल किया जा रहा है और उन्हें 14 दिन तक स्पेशल डाइट दी जाएगी, ताकि वह कुपोषण से छुटकारा पा सकें। फिलहाल अस्पताल के एनआरसी में दो बच्चे भर्ती किए गए हैं। बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार औसतन एक बच्चा प्रतिदिन इस प्रकार का सामने आ रहा है।
नागरिक अस्पताल में दो वर्ष पहले तक पोषण पुनर्वास केंद्र चल रहा था। कोरोना महामारी के दौरान इसे बंद कर दिया गया। इसको कोरोना वार्ड में बदला गया था। अब कोरोना संक्रमण खत्म होने पर फिर से स्वास्थ्य विभाग ने इसे शुरू कर दिया है। इसके लिए एक कमरे में आठ बेड लगाए गए हैं। इनमें फिलहाल दो बच्चे दाखिल हुए हैं। इसमें छह माह से पांच वर्ष तक के शारीरिक रूप से कमजोर बच्चों को रखा जाता है, ताकि उन्हें स्पेशल डाइट देकर कुपोषण से छुटकारा दिलाया जा सके। यह आहार बच्चों को दो-दो घंटे बाद दिया जाता है। इस केंद्र में बच्चों को 14 दिन तक रखा जाएगा। इसके अलावा बच्चों की देखभाल बाल रोग विशेषज्ञ करेंगे।
जिले में लगभग 50 बच्चे कुपोषित
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या लगभग 50 के आसपास है। पिछले दिनों डीसी डॉ. मनोज कुमार के साथ हुई स्वास्थ्य विभाग की बैठक में यह बात सामने आई थी। यह आंकड़े तो स्वास्थ्य विभाग के पास हैं। जिले में इससे ज्यादा बच्चे भी कुपोषित हो सकते हैं। डीसी डॉ. मनोज कुमार ने तुरंत स्वास्थ्य व बाल विकास विभाग को एनआरसी शुरू करने और इस प्रकार के बच्चों का पता लगाकर उन्हें दाखिल करने के निर्देश दिए थे। डीसी के निर्देश के बाद ही स्वास्थ्य विभाग ने एक सप्ताह में ही एनआरसी शुरू कर दिया था।