पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहे यात्रियों को अब और भी अधिक परेशान होना पड़ सकता है। जाट आरक्षण आंदोलन के चलते प्रशासन ने 12 और बसों की मांग की है। वहीं, शनिवार को 23 बसें एग्री समिट में सूरजकुंड जाएंगी और रोडवेज की दस बसें पहले ही जाट आरक्षण आंदोलन में लगाई गई हैं। इससे यात्रियों को भीड़ में सफर करना पड़ेगा।
रोडवेज के गणित के अनुसार, फिलहाल जिले में जींद व सफीदों तथा नरवाना सब डिपो को मिलाकर 160 बसें हैं। इनमें से करीब 140 बसें ही सड़कों पर चल रही हैं। इसमें से भी कुछ बस मरम्मत व सर्विस के कारण खड़ी रहती हैं। ऐसे में शनिवार का दिन यात्रियों पर भारी रहने की संभावना है। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो कम से कम 200 बस बेड़े में होनी चाहिए। महाप्रबंधक आरएस पूनिया के अनुसार, जिला प्रशासन ने आरक्षण आंदोलन के लिए पहले 10 बस पहले ही ली हुई हैं। अब 12 बसें और मांगी गई हैं। 23 बसें सूरजकुंड भेजी जाएंगी।