03जेएनडी29: नागरिक अस्पताल में बंद पड़ा मनोरोग विशेषज्ञ का कमरा और दरवाजे पर लगा नोटिस। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में दो मनोराेग चिकित्सक थे। इनमें से डॉ. राजेंद्र का तबादला होने के बाद व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। इसके चलते अब डॉ. संकल्प डोडा पर ज्यादा भार बना हुआ है। डॉ. संकल्प की सप्ताह में एक दिन कैथल ड्यूटी लगी है तो एक दिन दिव्यांग जांच शिविर में ड्यूटी। इसके अलावा महीने में दो दिन जेल के शिविर लगाए जाते हैं।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 40 से 50 मनोरोग के मरीजों की ओपीडी औसतन होती है। इसके अलावा नशा मुक्ति टीम के सदस्य भी अस्पताल में इन मरीजों को नशा छुड़वाने के लिए लेकर आते हैं। इनके अलावा जिलेभर से अन्य मरीज भी प्रतिदिन अस्पताल में आते हैं।
इन मरीजों को अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिलने पर भारी परेशानी होती है। जब तक अस्पताल में दो मनोरोग चिकित्सक थे। उस समय व्यवस्थाएं सही चली हुई थी, लेकिन अब पिछले तीन दिन से अस्पताल में यह व्यवस्था बिगड़ चुकी है। बुधवार को मनोरोग विशेषज्ञ दिव्यांग जांच शिविर में थे।
वहीं अब वीरवार को कैथल में ड्यूटी लगी होने के कारण मरीजों को दोनों दिन अस्पताल से वापस जाने को मजबूर होना पड़ा, हालांकि अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ के दरवाजे पर नोटिस चस्पा किया गया था। इसमें लिखा था कि तीन जुलाई को डॉ. संकल्प की ड्यूटी विकलांग बोर्ड कैथल में है।
मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। एक चिकित्सक का तबादला हो गया है। डॉ. संकल्प की ड्यूटी वीरवार को कैथल में दिव्यांग बोर्ड में लगी है। इसके अलावा अन्य दिनों में यह परेशानी नहीं आती। मरीजों को समय पर उपचार दिया जा रहा है।
डॉ. सुमन कोहली , सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।