जींद। शहर में कूड़ा उठान व कूड़ा निस्तारण के टेंडर की अवधि समाप्त होने के बाद आगामी टेंडर होने तक एक माह के लिए पुरानी एजेंसी का समय बढ़ाया गया है, ताकि शहर में कूड़ा फैलने से बचाया जा सके। 30 जून को पुराने टेंडर की अवधि समाप्त हो चुकी थी।
कूड़ा उठान का नया टेंडर लगा दिया गया है। यह मुख्यालय में प्रोसेस के लिए भेजा गया है। इस प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए नगर परिषद ने पुरानी एजेंसी का एक माह के लिए टेंडर बढ़ाया है।
इस बार शहर में कूड़ा उठान के लिए हर वर्ष होने वाली टेंडर प्रक्रिया से बचने व स्थायी समाधान के लिए टेंडर एक वर्ष का नहीं बल्कि पांच वर्ष के लिए जारी किया है। एजेंसी को इस बार 130 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से टेंडर दिया गया है। शहर में लगभग 80 हजार यूनिट हैं। इनका एजेंसी को खर्च दिया जाएगा।
शहर में कूड़े के निस्तारण के लिए दो टेंडर लगने हैं। इसमे एक डोर टू डोर उठान का टेंडर लगाया गया है, यह फिलहाल प्रोसेस में है, जबकि दूसरा टेंडर कूड़ा निस्तारण का है। यह लगना बाकी है। डोर टू डोर उठान पर लगभग पांच वर्ष के लिए 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण का टेंडर अलग दिया जाएगा।
यह टेंडर अभी लगा नहीं है, लेकिन इस पर लगभग 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नया टेंडर भी पुरानी एजेंसी श्री श्याम एसोसिएट को ही दिया गया है। यह टेंडर अप्रूवल कमेटी को भेजा गया है, वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसको लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद शहर में बेहतर सफाई को लेकर एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी।
प्रतिदिन 120 टन से ज्यादा कूड़ा निकलता है शहर से
हांसी रोड पर कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग प्वाइंट है। शहर से प्रतिदिन 120 टन से ज्यादा कूड़ा निकलता है। इससे बदबू न फैले और आसपास की काॅलोनियों और वहां से निकलने वाले लोगों को परेशानी न हो। इसके लिए इसका निस्तारण साथ-साथ किया जा रहा है। फिलहाल इसका टेंडर नहीं लगा। जल्द ही इसका टेंडर भी लगवाया जाएगा।
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शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगर परिषद लगातार काम कर रही है। इसके चलते शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने व कूड़ा निस्तारण के लिए लगभग 39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। जल्द ही मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद एजेंसी को काम सौंप दिया जाएगा। इस बार पांच वर्ष के लिए एजेंसी को टेंडर दिया जाएगा, ताकि हर वर्ष टेंडर प्रक्रिया में होने वाली परेशानियों से निजात पाई जा सके।
सुनील कुमार, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर (सीएसआई) नगर परिषद, जींद।
03जेएनडी23: बागवानी कार्यालय के सामने सड़क किनारे पड़ा कूड़ा। संवाद