जींद। जिलेभर की मंडियों में शनिवार तक 2,40,031 मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं की खरीद हुई है। इसके अलावा मंडियों में उठान के टेंडर में देरी होने के कारण इसकी गति काफी कम है। अब तक जिलेभर की मंडियों से 28,890 एमटी गेहूं का ही उठान हो पाया है। मंडियों में गेहूं की आवक बढ़ने के कारण अनाज डालने में किसानों व आढ़तियों को परेशानी बनी हुई है। हालांकि शनिवार को उठान के कार्य में कुछ हद तक तेजी हुई है।
जिले भर की मंडियों में फूड सप्लाई, हैफेड, एफसीआई व हरियाणा वेयरहाउस गेहूं की खरीद कर रहे हैं। इसमें अब तक फूड सप्लाई ने 76,272 एमटी गेहूं, हैफेड ने 107018 एमटी, एफसीआई ने 13405 एमटी व हरियाणा वेयरहाउस ने 43336 एमटी गेहूं की खरीद की है। अब तक जिलेभर में लगभग 20 हजार किसानों ने गेहूं की फसल बेची है, लेकिन अब तक एक भी किसान के खाते में भुगतान नहीं हुआ। अब किसानों को उम्मीद बनी है कि सोमवार को ही उनकी फसल की भुगतान होगा। फसल की पेमेंट की जानकारी लेने के लिए किसान लगातार बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। जिले में किसानों का भुगतान नहीं होने का मुख्य कारण एक तो उठान के टेंडर देरी से होना रहा, जबकि पहले एक या दो दिन तक गेहूं में नमी की मात्रा होने के कारण कुछ गाडिय़ों को गोदामों से वापस भेज दिया था। अब जिले में गेहूं की कटाई का कार्य जोरों से चला हुआ है। गेहूं में न तो नमी की मात्रा है और न ही लस्टर लॉस। जिसके कारण दिन व रात गेहूं की खरीद मंडियों में बिना किसानों के परेशानी के हो रही है।
मंडी में नहीं हो रही किसानों को परेशानी
मंडी में किसानों को गेहूं खरीद में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही। किसानों के समय से गेट पास कट रहे हैं। इसके चलते सभी खरीद एजेंसियां अपने निर्धारित दिन मंडियों में खरीद कर रही हैं। अब न तो नमी व न ही लस्टर लॉस की परेशानी है। कंबाइन से गेहूं की कटवाई होने के कारण किसानों की फसल मंडी में दिन रात आ रही है। सभी किसानों की गेहूं फसल मंडी में आते ही बिक रही है।
संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद।