जींद। कंप्यूटर ऑपरेटरों की 15 जुलाई से चल रही हड़ताल से जिले में रजिस्ट्री समेत तहसील के अन्य काम नहीं हो रहे हैं। हड़ताल की वजह से अब तक 3200 से ज्यादा रजिस्ट्री अटकी हुई हैं। इससे सरकार को लगभग 50 करोड़ का राजस्व नुकसान हो चुका है। वहीं ई-दिशा केंद्र में भी 17 काउंटर हैं, जिनमें से ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन आरसी जैसे कार्य बंद पड़े हैं। ई-दिशा केंद्र में सरल पोर्टल ही बंद पड़ा है। लोगों को बिना कार्य करवाए लौटना पड़ रहा है।
तहसील कार्यालय का त दिन से गेट भी नहीं खुला है। जमाबंदी, इंकताल, फर्द, रजिस्ट्री, नकल लेने के लिए रोजाना लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन हड़ताल का नोटिस देख लौट जाते हैं। वहीं लोगों की तरफ प्रशासन भी ध्यान नहीं दे रहा है। जिला प्रशासन ने दावा किया था कि कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल का तहसील और ई-दिशा केंद्र पर कोई असर नहीं पड़ रहा है, जबकि दोनों जगह कोई काम नहीं हो रहा है। लोगों की परेशानी के प्रति जिला प्रशासन गंभीर नहीं है। वहीं जिला प्रशासन दावा कर रहा है कि कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से आम जनता का किसी भी प्रकार का कोई कार्य बाधित नहीं हो रहा है। प्रतिदिन सरल केंद्र में होने वाले सभी कार्य जैसे ओबीसी सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, लाइसेंस आदि बनवाने के कार्य निरंतर चल रहे हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी ने तहसील कार्यालय या ई-दिशा केंद्र में आकर आम लोगों की व्यथा को नहीं सुना है।
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तहसील कार्यालय का सात दिन से नहीं खुला गेट
कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल के चलते सात दिन से तहसील कार्यालय का गेट नहीं खुला है। इसके कारण जमाबंदी, इंकताल, फर्द, रजिस्ट्री, नकल जैसे कार्य नहीं हो रहे हैं। लोगों अपने कार्य को लेकर प्रतिदिन तहसील कार्यालय आ रहे हैं। उनको यह भी बताने वाला नहीं कि कब तक कंप्यूटर ऑपरेटर लौट आएंगे और उनके कार्य होंगे। जिले में रजिस्ट्री होनी तो दूर टोकन भी नहीं कट रहे हैं। जब आम आदमी अधिकारियों के पास जाते हैं तो उन्हें यही बोला जाता है कि कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल चल रही है।
तहसील कार्यालय में सीएम विंडो, समाधान शिविर से संबंधित शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। रजिस्ट्री नहीं होने से टोकन नहीं कट रहे हैं। तहसील से संबंधित अन्य कार्य भी रुके हुए हैं। -बलराम जाखड़, नायब तहसीलदार, जींद।