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बीए जैसी डिग्री के बाद भी रोजगार के अवसरों की कमी नहीं है : डॉ. सुमिता

Thu, 26 Feb 2026 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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26जेएनडी01: राजकीय महिला कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को जाग
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जींद। बीए जैसी डिग्री के बाद भी रोजगार के अवसरों की कमी नहीं है। आवश्यकता है तो सिर्फ सही मार्गदर्शन और तैयारी की। उन्होंने बताया कि छात्राएं शिक्षा, बैंकिंग, बीमा, रेलवे, एसएससी, हरियाणा और केंद्र सरकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकती हैं। यह बातें डॉ. सुमिता आसरी ने कहीं।
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अमर उजाला के सामाजिक सरोकारों से जुड़े अपराजिता कार्यक्रम के तहत विशेष सत्र में राजकीय महिला कॉलेज की प्रवक्ता डॉ. सुमिता आसरी ने कॅरिअर निर्माण के लिए पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य की ठोस तैयारी के लिए प्रेरित किया। डॉ. आसरी ने कहा कि निजी क्षेत्र में कंटेंट राइटिंग, डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, एचआर, कस्टमर सपोर्ट, बीपीओ, पर्यटन, पत्रकारिता, फैशन डिजाइनिंग और इवेंट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार की संभावनाएं हैं।
स्वरोजगार के विषय में उन्होंने बताया कि आज के दौर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से घर बैठे काम शुरू किया जा सकता है। ट्यूशन सेंटर, कोचिंग क्लास, ब्यूटी और वेलनेस, बुटीक, हस्तशिल्प, ब्लॉगिंग, यूट्यूब चैनल, फ्रीलांसिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और डेटा एंट्री जैसे कार्य छात्राएं कम निवेश में शुरू कर सकती हैं।
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उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनने के लिए स्किल डेवलपमेंट कोर्स, कंप्यूटर दक्षता और संचार कौशल पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। डॉ. आसरी ने कहा कि साक्षात्कार में आत्मविश्वास, स्पष्ट अभिव्यक्ति और विषय की समझ अहम होती है। बायोडाटा संक्षिप्त और प्रभावशाली होना चाहिए। छात्राओं को बॉडी लैंग्वेज, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच पर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नौकरी पाने के साथ कार्यस्थल पर खुद को लीडर के रूप में स्थापित करना भी जरूरी है। इसके लिए टीम वर्क, निर्णय क्षमता, जिम्मेदारी निभाने की भावना और निरंतर सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने रोजगार से जुड़े सवाल पूछे जिनका डॉ. सुमिता आसरी ने उत्तर दिया। कार्यक्रम ने छात्राओं में आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया ताकि भविष्य उज्ज्वल हो सके।
रुचि और क्षमता के अनुसार क्षेत्र का चयन करें
सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकारी क्षेत्र में स्थायित्व और सामाजिक प्रतिष्ठा मिलती है जबकि निजी क्षेत्र में तेजी से विकास और आय वृद्धि के अवसर अधिक होते हैं। इसलिए छात्राओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार क्षेत्र का चयन करना चाहिए।
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