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जिले भर में भारत बंद का व्यापक असर, नहीं खुलीं दुकानें, पहुंचे ग्राहक

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जुलाना में बंद पड़ा बाजार। संवाद। - फोटो : Jind
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जींद। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा पर धरना दे रहे किसान संगठनों के भारत बंद के आह्वान का जिले में व्यापक असर रहा। हालांकि जींद में बाजार खुले, लेकिन जुलाना, नरवाना, उचाना और सफीदों में बाजार तीन बजे तक बंद रहे। वहीं जिले भर में किसानों और ट्रेड यूनियन संगठनों ने 15 जगह धरना देकर रोष जताया। इस दौरान शादी में जाने वाली गाड़ियों और एम्बुलेंस को नहीं रोका गया। अन्य वाहन रूट बदल कर चले। रोडवेज व परिवहन समिति की सेवा दोपहर बाद तीन बजे से ही शुरू हो सकी।
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गौरतलब है कि दिल्ली में किसान कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। उनके भारत बंद के आह्वान को जिले में भारी समर्थन मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने अपने-अपने तरीके से बिना किसी बैनर के ही सड़कों पर धरना देकर रोष जताया। इस दौरान किसानों ने मांग की कि सरकार नए कृषि कानूनों को वापस ले। मंगलवार को सिंधवीखेड़ा, किनाना, गतौली, उझाना, जींद में सीआईए थाना के पास, लोन गांव, बुड्ढाखेड़ा, लोहचब, बेलरखां, कंडेला, शाहपुर, नगूरां, ईक्कस, खटकड़ टोल प्लाजा, निडाना व धमतान सहित कई अन्य जगह किसानों ने सड़क पर धरना देकर रोष जताया।
जुलाना में भारत बंद का व्यापक असर, नई अनाज मंडी और गतौली में लगे जाम
जुलाना। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के भारत का जुलाना में व्यापक असर देखा गया। जुलाना के बाजार पूरी तरह से बंद रहे। वहीं नई अनाज मंडी के सामने सीटू, आढ़ती एसोसिएशन व कर्मचारी संगठनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। यहां दिनभर सरकार के खिलाफ नारेबाजी होती रही। जाम में केवल विवाह के लिए जाने वाली गाड़ियां और एंबुलेंस को रास्ता दिया गया। वहीं गतौली में भी किसानों ने जींद-रोहतक मार्ग पर जाम लगा दिया। जुलाना बारहा के कार्यवाहक प्रधान बसाऊ लाठर ने कहा कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। कृषि कानून किसानों को बर्बाद कर देंगे।
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हाईवे रहा जाम, बाजार रहे बंद, उचाना में दिखा बंद का खासा असर
उचाना। कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर भारत बंद का असर उचाना में दिखाई दिया। हाईवे पर खटकड़ के पास टोल पर किसान व विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक जाम लगा दिया। नरवाना की तरफ टोल टैक्स के पास किसान हाईवे पर बैठ गए। जो किसान हाईवे से दिल्ली धरने के लिए जा रहे थे, उनको आने-जाने के लिए रास्ता दिया जा रहा था। एंबुलेंस को नहीं रोका जा रहा था। टोल के पास किसानों के हाईवे पर बैठने के चलते प्रशासन ने वाहनों को झांझ से बड़ौदी के रास्ता डायवर्ट किया, ताकि आवागमन बाधित नहीं हो।

नरवाना रोड पर धरने पर बैठे किसान। संवाद।- फोटो : Jind

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