फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्लॉटों पर कब्जा दिलाने गई टीम बैरंग लौटी

Sun, 06 Jul 2014 12:56 AM IST
जींद,अमर उजाला/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
शामलो कलां गांव में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत प्लॉटों पर कब्जा दिलाने गए प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के विरोध के चलते लौटना पड़ा। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गांव पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में कोई गरीब नहीं है।

अगर हैं तो सभी लोग गरीब हैं। सरकार प्लॉट काटना चाहती है तो पहले जमीन एक्वायर करे फिर प्लॉट काटे। पंचायती जमीन पूरे गांव की जमीन है। इस पर किसी भी कीमत में प्लॉट नहीं काटने दिया जाएगा।  
विज्ञापन

शनिवार को बीडीपीओ सरोज बल्हारा, पंचायत अधिकारी धर्मबीर सिंह, जींद के तहसीलदार लखविंद्र सिंह, जेई और ग्राम सचिव कुलदीप पुलिस बल शामलो कलां गांव पहुंचे।

यह प्रशासनिक अमला महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत गरीबों को 100-100 गज के प्लाटों पर कब्जा दिलाने पहुंचा था। इसकी भनक अन्य ग्रामीणों को भी लग गई। तपती गर्मी में महिलाएं और पुरुष मौके पर जा पहुंचे। जब प्रशासनिक अमला 100-100 गज के प्लाटों पर कब्जा दिलाने की तैयारी कर रहा था तो ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले से कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए पंचायती जमीन पर प्लॉट नहीं कटने देंगे। अगर सरकार को प्लॉट काटने हैं तो एक्वायर करने के बाद प्लॉट काटे।

जिन लोगों के प्लॉट काटे गए हैं उनमें से अधिकतर के पास पक्के मकान हैं। जिनकोे पहले मुफ्त में प्लॉट मिले थे अब वे उनको बेच चुके हैं। जो लोग सरकारी नौकरी पर हैं उनके भी प्लॉट काटे गए हैं। गांव में और भी गरीब लोग हैं जिनके पास अपनी जमीन नहीं है उन लोगों को प्लॉट नहीं मिले हैं। वास्तव में जो गरीब हैं, वह प्लॉट से अब भी वंचित हैं। पहले जो सर्वे हुआ था वह गलत था। दोबारा सर्वे होना चाहिए। पंचायती जमीन पूरे गांव की जमीन है। इस पर किसी भी कीमत पर प्लॉट नहीं काटने देंगे। गांव में तनाव और ग्रामीणों के गुस्से को देखकर प्रशासनिक अमला बिना कब्जा दिलवाए बैरंग लौट आया।

88 प्लाटों को हो चुकी है रजिस्ट्री, जिन पर दिलाना है कब्जा
महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत शामलो कलां गांव में 88 लोगों के प्लाटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। इन लोगों को अभी तक प्लाटों पर कब्जा नहीं मिला है। पहले 93 लोगों को 100-100 गज के प्लाट मुहैया करवाए थे। इनमें से पांच लोगों अपात्र पाए गए। बाकी 88 लोगों के नाम प्लाटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। इन लोगों को कब्जा दिलाने के लिए बीडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस बल पहुंचा था। जब प्लाटों पर कब्जा दिलाने की तैयारी चल रही थी तभी ग्रामीण वहां पर पहुंच गए और प्रशासनिक अमले को मजबूरन बिना कब्जा दिलाए लौटना पड़ा।
विज्ञापन


तपती धूप में पहुंचा प्रशासनिक अमला
शनिवार को दोपहर 12 बजे तपती गर्मी में प्रशासनिक अमला गांव में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के 100-100 गज के प्लाटों पर कब्जा दिलाने के लिए पहुंचा। इसकी भनक लगते ही सैकड़ों पुरुष और महिलाएं गांव से बाहर खेतों में पहुंच गए। सभी ने प्लाटों पर कब्जा दिलाने का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासनिक अमला तपती धूप में इसलिए गया ताकि ग्रामीणों को इसका पता नहीं चले और वह अपने काम में सफल हो जाएं।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें