जींद। जिले में बने दो नेशनल हाईवे ने भले ही वाहनों की गति को बढ़ाकर सफर को सुगम बनाया हो। वहीं दूसरी तरफ इन दोनों हाईवे के आसपास के जिन गांवों में अंडर पास बनाए गए हैं। वहां पानी की निकासी नहीं होने के कारण बारिश का पानी भर जाता है और इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यह परेशानी नेशनल हाईवे 152 डी पर रिटौली से आलन जोगी खेड़ा, जामनी से बनिया खेड़ा, पिल्लूखेड़ा से आसन व जुलाना क्षेत्र के कई गांवों में बनी है। इसके अतिरिक्त जम्मू कटरा हाईवे के बने अंडरपास पर तेलीखेड़ा गांव के पास एक माह से पानी नहीं सूखा है।
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इसके चलते यहां पर रात को आने वाले वाहन चालकों को हादसों का डर रहता है। यही हाल इस हाईवे पर मोहम्मद खेड़ा से पोपड़ा व मोहम्मद खेड़ा से तेलीखेड़ा मार्ग पर बना है। यहां पर भरा पानी कभी नहीं सूखता है।
इसके अलावा अंडरपास में भरे पानी की निकासी की व्यवस्था तक नहीं की गई है। बारिश के बाद हर समय अंडरपास में एक से दो फीट पानी खड़ा रहता है जिसके चलते पैदल राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके चलते कई बार तो बाइक चालकों फिसलकर गिरने से चोट भी लग चुकी है। रात के समय तो इसमें से किसी भी अंडरपास से निकलना सुरक्षित नहीं है। इसके समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने भी कई बार आवाज उठाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।