जींद। शहर के रेलवे रोड समेत अन्य रास्तों की बंद पड़ी लाइट अब जगमग दिखाई देगी। इसको लेकर नगर परिषद ठेकेदार ने लाइट की मरम्मत करने का काम शुरू कर दिया है। अब राहगीरों और वाहन चालकों को रात के समय आवागमन में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। लाइटों के खराब होने से दुकानदार में खासे परेशान थे, लेकिन अब उनकी दुकानों के आगे अंधेरा नहीं होगा।
नगर परिषद परिषद ने शहर की सड़कों पर लाइट लगाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए हुए हैं। इतनी राशि खर्च करने के बाद भी लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है। शहर की मुख्य रास्ते गोहाना रोड पर नागरिक अस्पताल, बस स्टैंड, पटियाला चौक और लघु सचिवालय भी हैं। रात के समय बेसहारा पशु सड़क पर बैठे रहते हैं और इनके कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है। रात के समय सड़क पर बैठे बेसहारा पशु दिखाई नहीं देते, जिसके कारण लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं। यह शहर का सबसे व्यस्त मार्ग है। रात के समय भी यहां काफी ट्रैफिक रहता है। गर्मी का मौसम शुरू होने के कारण अब मच्छर भी पनपने शुरू हो गए हैं। ऐसे में बेसहारा पशु अब सड़कों पर आने लगे हैं। लाइट नहीं जलने के कारण वाहन चालक सड़क पर बैठे इन पशुओं से टकरा जाते हैंं।
क्या कहते हैं शहरवासी
करोड़ों खर्च के बावजूद भी नहीं मिल पाती सुविधा
गोहाना रोड के अलावा कई कॉलोनियों में भी स्ट्रीट लाइटें खराब रहती हैं। अंधेरे का लाभ चोर उठा रहे हैं। सुविधा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा। काफी लाइटें केवल मामूली खराबी के कारण जलना बंद हो जाती हैं, लेकिन इनकी समय पर न तो जांच की जाती है और न ही मरम्मत की जाती है।
राजुकमार गोयल, प्रधान, जींद विकास संगठन
बेसहारा पशुओं के कारण बनी हादसों की आशंका
अब गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। इसके कारण मच्छर पनपने शुरू हो गए हैं। ऐेसे में बेसहारा पशु अब सड़कों पर डेरा जमाने लगे हैं। वह सड़क के बीच में बैठ जाते हैं, जो अंधेरे के कारण दिखाई नहीं देते। नगर परिषद अधिकारियों को चाहिए कि इन लाइटों की समय-समय पर देखरेख करे और जो बंद हों, उनको दुरुस्त कराया जाए।
सुनील वशिष्ठ, शहरवासी
शहर में स्ट्रीट लाइटों को मरम्मत बारे ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। शहर में कहीं से भी स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत आती है तो तुरंत वहां जाकर लाइट ठीक करवाए।
-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद जींद