जींद। जिले के सरकारी स्कूलों में इस वर्ष विद्यार्थियों के दाखिलों में गिरावट दर्ज की गई है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में अधिकांश कक्षाओं में 16,053 विद्यार्थियों की संख्या कम हुई है।
पिछले वर्ष बालवाटिका में 4,838 बच्चे नामांकित थे जबकि इस बार यह संख्या घटकर 2,659 रह गई है। इसी तरह पहली कक्षा में पिछले साल 5,649 विद्यार्थी थे जो इस वर्ष घटकर 5,219 रह गए। शिक्षा विभाग अब दाखिलों में कमी के कारणों की समीक्षा करने में जुटा है।
हालांकि दूसरी और तीसरी कक्षा में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। दूसरी कक्षा में पिछले साल 5,071 विद्यार्थी थे जबकि इस बार 5,781 दाखिले हुए हैं। तीसरी कक्षा में पहले 5,051 विद्यार्थी थे और अब 5,161 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।
चौथी कक्षा में पिछले वर्ष 7,232 विद्यार्थी थे जबकि इस बार 5,180 बच्चे दर्ज किए गए हैं। पांचवीं कक्षा में पहले 8,141 विद्यार्थी थे और अब 7,248 रह गए हैं। छठी कक्षा में पिछले साल 8,848 विद्यार्थी थे जबकि इस वर्ष 7,894 हैं।
सातवीं कक्षा में पहले 9,091 विद्यार्थी थे और अब 8,787 रह गए हैं। आठवीं कक्षा में पिछले वर्ष 9,374 विद्यार्थी थे, जबकि अब 9,078 विद्यार्थी हैं। नौवीं कक्षा में पहले 9,997 विद्यार्थी थे और इस बार 9,337 दाखिले हुए हैं।
दसवीं कक्षा में पिछले साल 9,144 विद्यार्थी थे जबकि अब 9,069 रह गए हैं। 11वीं कक्षा में पहले 8,928 विद्यार्थी थे जबकि इस बार केवल 333 दाखिले दर्ज किए गए हैं। बारहवीं कक्षा में पिछले वर्ष 8,735 विद्यार्थी थे और अब 8,300 विद्यार्थी नामांकित हैं।
सरकारी स्कूलों में दाखिले घटने का कारण
कई सरकारी स्कूलों में चाहरदीवारी, साफ पानी और टॉयलेट्स जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। अभिभावक बच्चों को शुरुआत से ही इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहते हैं जबकि सरकारी स्कूलों में हिंदी मीडियम का दबदबा है। ग्रामीण इलाकों में निजी स्कूलों की बसें घर-घर पहुंच रही हैं जबकि सरकारी स्कूलों के बच्चे आज भी पैदल जाने को मजबूर हैं।
वर्जन
वर्तमान में स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है। आने वाले दिनों में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है। फिलहाल विभाग द्वारा प्रवेश प्रक्रिया पर ध्यान दिया जा रहा है।
-रितु पंघाल जिला शिक्षा अधिकारी,जींद।