फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार लूटकर गुजरात के गांधीनगर भागना चाह रहे थे बदमाश

विज्ञापन
बवानी खेड़ा गांव के एक चारे के खेत में छुपे बदमाश को पकड़कर लेकर जाती पुलिस। संवाद। - फोटो : Jind
विज्ञापन
कार लूट के जिन तीन बदमाशों को शनिवार शाम को बवानी खेड़ा के पास से पुलिस ने गिरफ्तार किया था उन्होंने पहले पुलिस की टीमों को खूब छकाया था। कार छोड़कर जब बदमाश खेतों में घुस गए तो जींद सीआईए, डिटेक्टिव, जुलाना थाना, भिवानी सदर तथा भिवानी सीआईए टीम के साथ 50 पुलिस कर्मचारियों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को काबू किया। तीनों को जींद पुलिस ने रविवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपियों में झज्जर के डीघल गांव निवासी कुलबीर व आशीष ने एक महीने पहले गांव के ही बुजुर्ग और उसके पौत्र को गोली मारी थी, जिसमें बुजुर्ग की मौत हो गई थी। उसका पौत्र अभी भी कोमा में है। झज्जर पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा था।
विज्ञापन

पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी वसीम अकरम ने बताया कि खुद गाड़ी मालिक गांव दुबलधन निवासी मनोज ने उन्हें फोन करके गाड़ी लूट की जानकारी दी थी। इसके बाद उन्होंने जुलाना, सीआईए व डिटेक्टिव स्टाफ की टीम को आरोपियों की तलाश के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने जिस गाड़ी को लूटा था उसमें जीपीएस लगा हुआ था। पहले यह गाड़ी हांसी की तरफ गई, फिर वहां से भिवानी की तरफ। उन्होंने खुद एसएसपी भिवानी व हांसी को नाकाबंदी करने के लिए कहा था। इसके बाद भिवानी व हांसी की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर वाहनों की जांच शुरू की गई।
पुलिस राइडर को देखकर कार छोड़कर खेतों में घुसे आरोपी
एसएसपी ने बताया कि बवानी खेड़ा के पास पुलिस जब वाहनों की जांच कर रही थी तो आरोपियों ने नाके से पहले ही गाड़ी सड़क पर खड़ी कर खेतों में घुस गए। जब वह खेतों में घुसे तो पुलिस राइडर की नजर उन पर पड़ गई। इसके बाद भिवानी व जींद पुलिस ने खेतों में तलाशी अभियान शुरू किया। 12 एकड़ में खड़ी चारे की फसल में आरोपियों को तलाशना मुश्किल काम था। आरोपियों के पास पिस्तौल भी थी, जिससे यह अंदेशा भी था कि वह पुलिस पर फायर कर सकते हैं। आरोपियों ने अपने कपड़े निकाल दिए थे और खेतों में छिपकर बैठ गए। एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों को काबू कर लिया गया। चौथे आरोपी रोहतक निवासी रणदीप को पहले ही कार से रास्ते में उतार दिया था।
विज्ञापन

गुजरात के गांधीनगर भागने की फिराक में थे आरोपी
आशीष, कुलबीर तथा विकास तीनों दोस्त हैं और गुजरात के गांधीनगर भागने की फिराक में थे। तीनों पहले फाइनेंस की गाड़ियों को डंडे के बल पर छुड़वाया करते थे। यह लोग कई दिन से रोहतक में रणदीप के पास रह रहे थे। रणदीप ने ही उन्हें गाड़ी लूटकर भागने की योजना बताई थी। यदि यह लोग पुलिस की गिरफ्त में नहीं आते तो लूटी गई कार से ये गुजरात के गांधीनगर पहुंच जाते।
तीनों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। चौथे आरोपी की तलाश जारी है। यह सफलता जींद व भिवानी पुलिस की है। जींद सीआईए, डिटेक्टिव, जुलाना थाना व भिवानी पुलिस को डीजीपी क्राइम ने 25-25 हजार रुपये इनाम व प्रशंसा पत्र देने का फैसला किया है। पुलिस ने तीनों के कब्जे से एक पिस्तौल, तीन कारतूस बरामद किए हैं। रिमांड के दौरान आरोपियों से पुलिस कुछ अन्य मामलों के बारे में भी पूछताछ करेगी। वसीम अकरम, एसएसपी, जींद।

पुलिस गिरफ्त में तीनों आरोपी। संवाद- फोटो : Jind

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें