संवाद न्यूज एजेंसी।
नरवाना। सींसर गांव में बिना वैध डिग्री और लाइसेंस के इलाज किए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। ड्रग विभाग की टीम ने झोलाछाप के मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है। यह मेडिकल स्टोर संचालक सोनू खान के नाम संचालित था।
स्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि गांव में बिना किसी मान्यता के मरीजों का इलाज किया जा रहा है और दवाओं का अवैध रूप से संचालन हो रहा है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ड्रग इंस्पेक्टर रूबी शर्मा के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मेडिकल स्टोर बंद मिला और संचालक सोनू खान मौके पर मौजूद नहीं था।
ड्रग इंस्पेक्टर रूबी शर्मा ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक सोनू खान को फोन के माध्यम से मौके पर बुलाया गया लेकिन सोनू खान ने आने से मना कर दिया। करीब 1.5 घंटा इंतजार भी किया लेकिन सोनू नहीं आया। मौके पर डायल 112 को बुलाया गया। इसके बाद गांव के पंच अशोक कुमार को मौके पर भेजा। पंच अशोक कुमार व पुलिस की देखरेख में दुकान को बाहर से सील कर दिया गया और दुकान की चाबी पंच अशोक कुमार को सौंप दी।
टीम ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक को विभागीय कार्रवाई के लिए कार्यालय बुलाया गया है। संचालक की मौजूदगी में ही दुकान खोली जाएगी और अंदर रखी दवा, मेडिकल उपकरणों व दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। जांच में यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उपाधीक्षक राकेश शर्मा भी मौजूद रहे।
वर्जन
झोलाछापों के खिलाफ विभाग का अभियान लगातार जारी है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों से भी अपील है कि इलाज के लिए केवल पंजीकृत और योग्य डॉक्टरों से ही संपर्क करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें।
–रूबी शर्मा, ड्रग कंट्रोल इंस्पेक्टर जींद।
17जेएनडी15: मेडिकल स्टोर को सील करते हुए टीम। संवाद।