04जेएनडी25: पुलिस गिरफ्त में एग्रो नेचर फार्मिंग कंपनी का मुख्य प्रबंध निदेशक जोगिंदर राज। स्रो
जींद। जिला पुलिस ने 10 लाख रुपये की ठगी के मामले में एग्रो नेचर फार्मिंग कंपनी के मुख्य प्रबंध निदेशक जोगेंद्र राज वासी बाजीदा जाटान (करनाल) को गिरफ्तार किया है। छह महीने बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी से पुलिस ने 10 हजार रुपये बरामद किए हैं। आरोपी को पकड़कर अदालत में पेश कर आगामी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने जोगेंद्र राज की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
पुलिस ने आठ अगस्त 2025 को कंडेला गांव के राममेहर की शिकायत पर मुख्य प्रबंध निदेशक जोगिंदर राज और प्रबंध निदेशक राकेश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी एफआईआर दर्ज की थी। मामले में पुलिस ने राकेश को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने जांच में पाया कि फार्म का श्रम एवं रोजगार विभाग यमुनानगर में पंजीकरण भी सत्यापित नहीं है। आम आदमी को निवेश योजना में धान लगाने से पहले उसे फर्म की वैज्ञानिकता और प्रामाणिकता की जांच कर लेनी चाहिए।
यह था मामला
कंडेला गांव के राम मेहर नामक एक व्यक्ति ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि जोगेंद्र राज और राकेश शर्मा ने फार्म का जगाधरी स्थित सेक्टर 17 में कार्यालय खोल रखा था और वह किसानों को केंचुआ खाद (वर्मी कंपोस्ट) का व्यवसाय स्थापित करने का लालच देते थे। फर्म केंचुए पालन के लिए 10 हजार रुपये प्रति बैड की दर से बैड तैयार करती थी। उक्त फर्म द्वारा जो बैड केंचुए पालन के लिए तैयार किया जाता है उसकी अवधि कम से कम दो वर्ष तक थी।
एग्रो नेचर फार्मिंग ने राम मेहर के साथ खेत कंडेला में केंचुआ पालन फॉर्म लगाने के लिए 17 अप्रैल 2024 से लेकर 17 अप्रैल 2026 तक लिखित इकरारनामा किया हुआ है। जो नोटरी पब्लिक से रजिस्टर्ड करवाया हुआ है। जिस पर दोनो पक्षों ने हस्ताक्षर किए हुए हैं।
इस कारोबार को दो साल की समय अवधि तक चलाने बाबत राम मेहर के खेत की एक एकड़ जमीन ली जिसमें आरोपी कार्य करेगा और दस लाख दस हजार रुपये जोकि राममेहर ने आरोपी फर्म को सात लाख 90 हजार रुपये चैक द्वारा और दो लाख 20 हजार रुपए नकद दिए हुए हैं। इसके इलावा उक्त कारोबार चलाने के लिए अन्य खर्चे भी किए हैं।
इसके बदले में आरोपी फर्म के पार्टनर जोगिंद्र राज ने राममेहर को एचडीएफसी बैंक का एक चेक दस लाख रुपये का दिया हुआ है। 25 मई 2024 को दोनों पक्षों के बीच इकरार नामा हुआ। आरोपी फर्म के पार्टनर जोगिंद्र ने भी एक चेक दिया था। फर्म दो साल के इकरारनामा के बाद फरार हो गई और उसे 10 लाख 10 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। राममेहर का कहना है कि उसकी एक एकड़ जमीन जो काफी उपजाऊ थी को भी नष्ट कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि इन लोगों ने उसे धमकी देकर अगर वह पुलिस के पास गया तो उसे जान से मार दिया जाएगा।