जींद। सरकार ने एनडीसी पोर्टल पर दिए ब्योरे में शहर की कई वैध कॉलोनियों में बने घर और प्लाट को अवैध दिखाया गया है। इससे शहरवासियों की परेशानी बढ़ गई है और वह त्रुटि ठीक करवाने के लिए नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
शहर की कई वैध कॉलोनियों में बने मकानों को पोर्टल पर अवैध दर्शा दिया गया है। वर्षों से रह रहे लोग जिन्होंने नगर परिषद से नक्शा पास करवाया है नियमित रूप से हाउस टैक्स जमा कर रहे हैं। उनके बिजली-पानी के कनेक्शन भी वैध रूप से ले चुके हैं लेकिन अब उनके मकान पोर्टल पर अवैध दिखाई देने लगे हैं। इससे लोगों में भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई है।
उन्हें डर है कि कहीं इस गलती का असर भविष्य में उनके मकान की रजिस्ट्री, बैंक लोन या अन्य सरकारी सुविधाओं पर न पड़ जाए। इस पोर्टल पर प्रत्येक कॉलोनी की स्थिति, उसका वैध दर्जा, प्लॉटों की संख्या और अन्य बुनियादी जानकारियां उपलब्ध कराई गई है ताकि लोगों को अपने मकान और कॉलोनी से जुड़ी स्थिति स्पष्ट रूप से पता चल सके। शहर के मालगोदाम रोड, रेलवे रोड, ज्ञान तारा रोड, मीट मार्केट, दरगाह मार्केट को भी अवैध दिखाया गया है।
दरगाह मार्केट 1984 में शुरू हुई थी। वहीं 1954 में चल रहे राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के साथ लगती जमीन को भी अवैध दर्शाया गया है। इसके अलावा 1995 से पहले की कॉलोनी भी अवैध दिखाई गई है। ऐसे में पोर्टल पर सामने आई कई त्रुटियों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी हैं। त्रुटियों को ठीक करवाने के लिए नगर परिषद कार्यालय में शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
नागरिक अपने दस्तावेज, रजिस्ट्री, नक्शा पास की प्रतियां और टैक्स रसीदें लेकर अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं लेकिन समाधान न होने से लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। नगर परिषद के अनुसार एनडीसी पोर्टल पर डाटा अपलोड किया गया था। इनमें कुछ तकनीकी और अन्य त्रुटियां रह गई हैं। इसलिए आमजन को घबराने की जरूरत नहीं है और जिन मकानों को गलती से अवैध दिखाया गया है, उन्हें जांच के बाद सही कर दिया जाएगा।
जिला नगर योजनाकार विभाग तीन-चार साल में शहर की कॉलोनियों का सर्वे करता है। सर्वे में वैध कॉलोनियों का तो पता चलता है लोगों को अपने प्लाट वैध होने से राहत भी मिलती है। इसके बाद वह प्लाट में मकान बनाने में आने वाली परेशानी भी खत्म हो जाती है। वैध कॉलोनी होने के बाद उन्हें बिजली, सीवरेज और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी मुहैया हो जाती है।
इंसेट
सफीदों रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी में 1995 में प्लाट खरीदा था। फिर उन्होंने मकान के निर्माण के दौरान नक्शा भी नगर परिषद से पास करवाया था। अब वह उसी समय से हाउस टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स भर रहे हैं। अब उनके मकान को भी अवैध दर्शा दिया है। वह बार-बार नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।-राजेश, कृष्णा कॉलोनी जींद
बॉक्स
पोर्टल पर शहर का कुछ हिस्सा रेड जोन में डाल दिया है। लोगों के प्लाट अवैध दिखाए गए हैं। नहर के पास, पटियाला चौक एरिया, श्याम नगर, संतनगर का कुछ हिस्सा अवैध दिखाया गया है। प्रशासन को चाहिए कि इन त्रुटियों को ठीक करवाया जाए।-गुलशन आहूजा, पार्षद
वर्जन
एनडीसी पोर्टल पर कॉलोनियों का डाटा अपलोड किया गया था उसमें कुछ वैध कॉलोनियों को अवैध दिखाया है लेकिन डीटीपी सर्वे करेगा। इसके बाद खामियां दूर कर दी जाएंगी।-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद जींद