जुलाना। नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार जुलाना के वार्ड नंबर चार निवासी पप्पी की मौत के बाद दूसरे दिन भी उसकी अंत्येष्टि नहीं हो पाई। वार्ड नंबर चार की चौपाल में शव रख कर परिजनों व समाज के लोगों ने रोष जताया। यहां 12 गांवों की महापंचायत हुई। इसमें पहुंचे जुलाना के जजपा विधायक अमरजीत ढांडा के प्रतिनिधि रिनय राठी ने सरकार की तरफ से पांच लाख रुपये मुआवजा और डीसी रेट की नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया लेकिन परिजन आरोपी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर की मांग पर अड़े रहे। डीएसपी धर्मबीर खर्ब ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन ग्रामीण नहीं मानें। देर शाम तक शव रखा रहा और पंचायत का दौर जारी रहा।
वार्ड नंबर चार निवासी 28 वर्षीय पप्पी को 13 अप्रैल को नशा तस्करी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 580 ग्राम गांजा मिला था। पुलिस ने पप्पी को 15 अप्रैल को जेल भेज दिया। 17 अप्रैल को पप्पी की हालत खराब हो गई, जिसे पीजीआई रोहतक में दाखिल कराया गया। 18 अप्रैल को उसकी पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। ग्रामीणों ने शव जींद-रोहतक मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। मंगलवार को शव को वार्ड नंबर चार की चौपाल में लाया गया और यहां पर 12 गांवों की महापंचायत हुई। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनको पप्पी की गिरफ्तारी से लेकर मरने तक कोई सूचना पुलिस ने नहीं दी। पुलिस ने मृतक के परिजनों से मिलवाना भी उचित नहीं समझा। जब शव को देखा तो उस पर काफी चोट के निशान थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतक पप्पी के साथ पुलिस ने बर्बरता की है। पुलिस की बर्बरता के कारण ही उसकी मौत हुई है। महापंचायत में कहा गया कि जब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर नहीं होगी, तब तक वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मृतक की पत्नी आशा व पिता जयनारायण ने बताया कि पप्पी की मौत पुलिस यातना से हुई है। मृतक के पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं तथा पूरा शरीर नीला पड़ा हुआ है। मृतक के शरीर पर पट्टी बंधी हुई है। सोमवार सुबह पार्षद संदीप ने उन्हें सूचना दी कि उसके बेटे की मौत हो चुकी है। पप्पी अपने पीछे पत्नी, 12 साल की एक लड़की, 10 वर्ष की लड़की व 8 वर्ष का लड़का छोड़ गया। फिलहाल शव चौपाल में फ्रिजर में रखा हुआ है तथा मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद हैं।
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सरकार की तरफ से भी पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता व डीसी रेट की नौकरी का आश्वासन दिया गया है। पुलिस की तरफ से भी उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मौत के कारणों का खुलासा होगा। यदि पुलिस बर्बरता की बात सामने आती है तो आरोपी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों को पहले अंतिम संस्कार कर देना चाहिए।-धर्मबीर खर्ब, डीएसपी।