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Jind News: वन विभाग ने पांच साल में लगाए 48 लाख पौधे

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जींद। हमारे जीवन में पेड़-पौधों का खास महत्व है। पेड़-पौधों के बिना जीवन नीरस है। इसलिए यह बात हर किसी को समझनी होगी और पेड़-पौधे लगाने और उनकी देखभाल करनी होगी।
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कहने को तो वन विभाग हर साल लाखों पौधे लगा रहा है, लेकिन उनमें से आधे पौधे ही पनप पाते हैं, जिससे आधे पौधे नष्ट हो जाते हैं। वन विभाग के कर्मचारियों को पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल भी करनी चाहिए, ताकि पर्यावरण को भी बढ़ावा मिल सके। हालांकि इस साल अभी तक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है।

जिले में वन विभाग पिछले पांच सालों में 48 लाख 27 हजार 544 पेड़-पौधे लगा चुका है, लेकिन उनमें से 60 प्रतिशत पौधे ही पेड़ों का रूप ले पाए हैं जबकि 40 प्रतिशत पौधे पेड़ बनने से पहले ही खत्म हो गए।
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विभाग ने सबसे ज्यादा पौधे वर्ष 2022-23 में लगाए थे। उस साल कुल 12 लाख 7965 पौधे लगाए थे। इसके बाद वर्ष 2024-25 में 11 लाख 46 हजार 311 पौधे लगाए गए थे। वहीं लोगों को भी पर्यावरण के प्रति गंभीरता दिखानी होगी। जिले में 68.69 हेक्टेयर भूमि पर पेड़-पौधे लगाए हुए हैं।
जिले की कई संस्थाएं हर साल विभाग से हजारों पौधे ले जाती हैं, लेकिन वह पौधे कहां लगाए, उनके बारे में कोई जानकारी नहीं होती। हालांकि वन विभाग बारिश के मौसम में हर साल पांच लाख से ज्यादा पौधे सार्वजनिक जगह जैसे श्मशान घाट, चौपाल, स्कूल, बणी के साथ अन्य खाली पड़ी जमीन पर लगाने के लिए वितरित करता है। अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से पौधे आंबटित किए जाते हैं।

बॉक्स

इन योजनाओं के तहत लगे इतने पौधे

वर्ष 2020-21
योजना

पौधे

पौधगिरी
95484

जेएसए
109463

पौधरोपण

232770

कुल



437717

वर्ष 2021-22
पौधगिरी
108526

जेएसए
301000

निशुल्क सप्लाई
100000

पौधरोपण

467833

कुल


977359

वर्ष 2022-23
पौधगिरी
103012

जेएसए
136949

निशुल्क सप्लाई
116924

पौधरोपण

851080

कुल


1207965

वर्ष 2023-24
पौधगिरी
61962

जेएसए
224936

निशुल्क सप्लाई
81869

पौधरोपण

689425

कुल

1058192

वर्ष 2024-25
पौधगिरी
121996

जेएसए
237340

निशुल्क सप्लाई
98389

पौधरोपण

688586

कुल

1146311



पौधे लगाकर देखभाल करने की अपील

हर साल बरसात के मौसम में लाखों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन बिना देखभाल के अधिकतर पौधे सूख जाते हैं या फिर बेसहारा पशु उन्हें नष्ट कर देते हैं। इसलिए पौधे लगाने वाली संस्थाओं को चाहिए कि वह पौधे लगाने के बाद भी उनकी देखभाल करें। जब तक पौधे बड़े नहीं हो जाते, उनकी देखभाल की पूरी जिम्मेदारी लें। पौधों को ट्री-गार्ड लगाकर बेसहारा पशुओं से बचाव रखें।

वर्जन

वन विभाग हर साल बारिश के मौसम में लाखों पौधे लगाता है। समय-समय पर उनकी देखभाल की जाती है। कोई पौधा दीमक या अन्य कारणों से सूख या नष्ट हो जाता है तो उसकी जगह दूसरा पौधा लगाया जाता है। जिला की संस्थाओं से भी आह्वान है कि पौधरोपण के बाद उनकी देख-रेख की भी जिम्मेदारी लें। -पवन ग्रोवर, उपमंडल वन अधिकारी, जींद
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