जींद। जिले में मौसम ने फिर करवट लेते हुए किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं। मंगलवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं दोपहर और शाम को कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई। अलेवा क्षेत्र में 14 एमएम बारिश दर्ज की गई। नरवाना क्षेत्र में दोपहर को करीब 20 मिनट तक ओलावृष्टि हुई।
ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। खासतौर पर गेहूं, सरसों, चना और सब्जी फसलों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ा है। फसल इस समय नाजुक अवस्था में है और ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
जिले के नरवाना क्षेत्र के गांवों में कर्मगढ़, दनौदा कलां व दनौदा खुर्द, जाजनवाला, बद्दोवाल, दबलैन, सच्चाखेड़ा, कलौदा कलां व कलौदा खुर्द में ओलावृष्टि हुई। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में बारिश हुई।
किसानों के अनुसार, कुछ गांवों में ओले गिरने से गेहूं की पत्तियां टूट गईं जबकि सरसों की फसल में फूल झड़ गए। सब्जी उत्पादक किसानों को भी भारी नुकसान का अंदेशा है। क्योंकि ओलों से पत्तेदार सब्जियों को सीधा नुकसान पहुंचा है। किसान खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का आंकलन कर रहे हैं और प्रशासन से गिरदावरी करवा कर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
गिर सकता है न्यूनतम तापमान
बूंदाबांदी और ओलावृष्टि के कारण जिले में ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है। आज न्यूनतम तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान करीब पांच डिग्री और अधिकतम तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई जा रही है। ठंड और खराब मौसम का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। ठंडी हवाओं के चलते सुबह और शाम के समय सर्दी ज्यादा सताने लगी है।
वर्जन
किसानों को फसलों में पानी या किसी भी प्रकार का छिड़काव मौसम साफ होने के बाद ही करना चाहिए। साथ ही ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का जल्द से जल्द आकलन कर कृषि विभाग को सूचना देनी चाहिए ताकि समय रहते नुकसान की भरपाई के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।
-डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक
27जेएनडी37, 38: जाजनवाला गांव में हुई ओलावृष्टि। संवाद