नरवाना। कोर्ट परिसर में मामलों की पैरवी या अन्य कार्यों के लिए आने वाले दिव्यांगों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। एक्सेसिबल इंडिया अभियान के तहत कोर्ट परिसर को पूरी तरह दिव्यांग अनुकूल बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। कार्य को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। आगामी दिनों में बिड खोली जाएगी। इस कार्य पर 1.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अभियान का उद्देश्य दिव्यांगों को सार्वजनिक भवनों में बिना किसी बाधा के सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अब तक कोर्ट परिसर में आने वाले दिव्यांगों, विशेषकर दृष्टिहीन व्यक्तियों को कमरों की पहचान, सीढ़ियों, लिफ्ट और विभिन्न कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
समस्याओं को ध्यान में रख विभाग ने व्यापक योजना तैयार की है। कोर्ट परिसर में लिफ्ट में ब्रेल लिपि (उभरे हुए अक्षर) लगाए जाएंगे ताकि दृष्टिहीन व्यक्ति आसानी से मंजिल और कमरों की पहचान कर सकें।
परिसर में टैक्टाइल फ्लोरिंग कराई जाएगी जिससे पैरों के स्पर्श से रास्ते की दिशा का अंदाजा लगाया जा सके। विभिन्न कार्यालयों और कमरों के बाहर ब्रेल लिपि के साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे। वहीं एक अलग से लिफ्ट लगाने का भी प्रावधान किया गया है।
योजना में स्पेशल वॉशरूम, सीढ़ियों में अलग से सेफ्टी ग्रिल और पूरे भवन का ब्रेल लिपि में लेआउट प्लान तैयार करने का कार्य भी शामिल है।
कोर्ट परिसर में कार्य को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। आगामी दिनों में बिड खोली जाएगी। निर्धारित दरों पर जो फर्म पात्र पाई जाएगी उसे कार्य अलॉट किया जाएगा। कार्य पूर्ण होने के बाद दिव्यांगों को नई सुविधाएं मिलेंगी जिनमें एक अलग लिफ्ट भी शामिल है।
—राजकुमार नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, बीएंडआर नरवाना
एक्सेसिबल इंडिया अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इसका उद्देश्य दिव्यांगों को बेहतर और सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अभियान के तहत नरवाना कोर्ट परिसर को दिव्यांग अनुकूल बनाया जा रहा है। इस कार्य पर करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च होंगे।
-कृष्ण बेदी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, हरियाणा सरकार।