जींद। बच्चों को केवल भविष्य का नागरिक नहीं बल्कि वर्तमान में भी निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की पहल अब जींद के कालवन गांव से शुरू होगी। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बाल एवं महिला अधिकार कार्यकर्ता और बाल आजादी अभियान के संस्थापक सुनील जागलान ने कालवन में देश की पहली बाल सरकार के गठन की घोषणा की है।
यह पहल सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के माध्यम से बीबीपुर मॉडल की तर्ज पर संचालित होगी। प्रस्तावित बाल सरकार में बाल मुख्यमंत्री, बाल सांसद, बाल विधायक, बाल जिला पार्षद, बाल ब्लॉक समिति सदस्य, बाल सरपंच, बाल पंच और बाल निर्वाचन अधिकारी जैसे पद होंगे। खास बात यह है कि बाल सांसद और बाल जिला पार्षद के पद बालिकाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।
अन्य पदों पर लड़के और लड़कियां समान रूप से चुनाव लड़ सकेंगे। उम्मीदवार के लिए स्कूल जाना, गाली नहीं देना और कुपोषित नहीं होना जैसी शर्तें रखी गई हैं।
सुनील जागलान ने बताया कि कालवन में तैयार होने वाले मॉडल को पूरी प्रक्रिया के साथ दस्तावेजीकृत और वीडियोग्राफ किया जाएगा। इसके बाद इसे केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा, ताकि पंचायतों में बच्चों की भागीदारी और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए इसे मॉडल के तौर पर देखा जा सके।
बाल ग्राम उत्सव भी शुरू किया जाएगा
कालवन की सरपंच कविता देवी ने पहल का स्वागत करते हुए इसे गांव के बच्चों को नेतृत्व का अवसर देने वाला कदम बताया। चुनाव प्रक्रिया के तहत 5 अक्तूबर से नामांकन शुरू होंगे और इसी दिन बाल ग्राम उत्सव भी शुरू किया जाएगा। 2 से 10 अक्तूबर तक स्कूलों में चयनित बच्चों को उनकी प्रस्तावित जिम्मेदारियों और पंचायत को बाल हितैषी बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 15 अक्तूबर को उम्मीदवारों की अंतिम सूची और चुनाव चिह्न जारी होंगे। 16 से 18 अक्तूबर तक प्रचार चलेगा। 20 अक्तूबर को सुबह सात से दोपहर एक बजे तक मतदान होगा और दोपहर दो बजे परिणाम घोषित किए जाएंगे।
सप्ताह में 3-4 घंटे गांव के साथ काम करेगी बाल कैबिनेट
चुनाव के बाद गठित बाल कैबिनेट सप्ताह में तीन से चार घंटे ग्राम पंचायत के साथ मिलकर काम करेगी। बाल विवाह, कुपोषण, बाल श्रम, कन्या भ्रूण हत्या, बाल उत्पीड़न और बच्चों के साथ गाली-गलौज जैसी समस्याओं के खिलाफ जागरूकता गतिविधियां चलाने की योजना है।