नरवाना । खनौरी बॉर्डर पर किसानों की मांगों को लेकर जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन 26वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को चिकित्सकों ने बताया कि डल्लेवाल शारीरिक तौर पर बहुत कमजोर हो चुके हैं। इसके चलते वह मंच पर नहीं आ रहे।
किसान नेताओं ने कहा कि दो सांसदों को आपसी धक्कामुक्की में हल्की-फुल्की चोट लगी तो केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री अस्पताल में उनसे मिलने पहुंच रहे हैं, लेकिन 26 दिन से आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल व किसानों की बात सुनने का समय उनके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या हमारे देश में किसानों की जिंदगी इतनी सस्ती हो गई है। उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि केंद्र सरकार किसानों के प्रति कितनी संवेदनहीनता दिखा रही है। किसान मोर्चे के चारों तरफ रास्ते बंद किए जा रहे हैं और सिक्योरिटी फोर्स की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की हिंसक कार्रवाई में किसी किसान का एक भी बूंद खून बहा तो उसकी सीधी जिम्मेदारी पीएम मोदी, केंद्र सरकार व सांविधानिक संस्थाओं की होगी। अभी शहीदी सप्ताह चल रहा है। इंसानियत के लिए अपनी कुर्बानी देने वाले गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलने का किसान प्रयास कर रहे हैं। किसानों ने अपील की कि जिस तरह सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों पर किसान मोर्चे की मजबूती व जगजीत सिंह डल्लेवाल की सेहत के लिए अरदास, प्रार्थना की गई थी, उसी तरह अब शहीदी सप्ताह के दौरान सभी बड़े मंचों से किसानों की मांगों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाए।