जींद। करीब एक माह पहले सफाई का ठेका समाप्त होने के बाद अब नगर परिषद ने घर-घर से कूड़े का उठाने, बाजार व मुख्य मार्गों की सफाई के लिए ठेका देने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए बुधवार को टेक्निकल बिड खोली गई। इसमें पांच फर्मों ने आवेदन किया है। अब इन सभी फर्म की जांच के बाद टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
टेक्निकल बिड में यह जांच जाता है कि आवेदन करने वाली फर्म सभी नियम व शर्तें पूरा कर रही है या नहीं। इसके बाद वित्तीय टेंडर खोला जाएगा और इसके बाद ठेका दिया जाएगा। शहर में कुल 31 वार्ड हैं, इनमें सफाई के लिए इस बार नए नियम बनाए हैं। ठेकेदार को हर 480 घरों का कूड़ा एकत्रित करने के लिए एक गाड़ी लगानी होगी। शहर में 40 हजार से अधिक मकान हैं। साथ ही दो सैनिटेशन पार्कों में सफाई का ठेका भी उसी फर्म के पास होगा, जिसको ठेका मिलेगा। व्यावसायिक क्षेत्र में कूड़ा उठाने की भी शर्त इस बार जोड़ी गई है। पिछले साल इस काम के लिए प्रति माह 48 लाख रुपये का ठेका था, लेकिन इस बार प्रति टन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। शहर में हर रोज करीब 70 टन से अधिक कूड़ा निकलता है।
इस बार 59.33 लाख रुपये प्रति माह होंगे खर्च
शहर में सफाई के ठेके पर सवाल उठते रहे हैं। पिछले साल का ठेका प्रति माह 48 लाख रुपये में था। इस साल के लिए नगर परिषद ने 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया। मुख्यालय ने इसमें इसे महज सात करोड़ 16 लाख रुपये की ही मंजूरी दी है। इस हिसाब से प्रति माह सफाई पर 59 लाख 33 हजार रुपये खर्च होंगे।
जल्द पूरी की जाएगी प्रक्रिया
मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। बुधवार को टेक्निकल बिड खोली गई। पांच फर्मों ने आवेदन किया है। वित्तीय बिड खुलने के बाद रेट का पता चलेगा। इसके बाद ही टेंडर दिया जाएगा।
- डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद