धनौरी गांव में पुलिस व ग्रामीणों द्वारा कथित हत्या के मामले में प्रताड़ित करने का आरोप लगा कर पूरे परिवार द्वारा आत्महत्या करने के मामले में अब गढ़ी थाना प्रभारी के खिलाफ भी जांच होगी। बुधवार रात को पुलिस व परिजनों के बीच हुए समझौता में परिजनों द्वारा थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत दी गई। इसके बाद ही तीनों शवों का रात करीब 11 बजे अंतिम संस्कार हो सका। वहीं इस मामले में सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने जिन सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है उसमें ग्रामीणों ने जायज कार्रवाई की मांग की है।
धनौरी गांव के लोग वीरवार को नरवाना के एएसपी कुलदीप सिंह से मिले। एसएसपी ने बताया कि ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में किसी पर भी गलत कार्रवाई नहीं हो। पुलिस किसी भी नाजायज व्यक्ति को नहीं फंसाएगी। दूसरी तरफ पीड़ित परिवार के लोग भी अब पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मृतक ओमप्रकाश के भाई राजकुमार ने बताया कि यदि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे लोग फिर से रोड जाम करेंगे।
गौरतलब है कि मंगलवार रात को धनौरी गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों 47 वर्षीय ओमप्रकाश, उसकी 45 वर्षीय पत्नी कमलेश व 20 वर्षीय बेटे सोनू ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसमें करीब एक महीना पहले गांव में हुई ननू की मौत के मामले में उन्हें ग्रामीणों व पुलिस द्वारा परेशान करने की बात कही गई है। इसकी वीडियो परिवार ने सोशल मीडिया पर डाली और सुसाइड नोट भी छोड़ा है।
ननू व बलराज की हत्या की जांच भी तेज
वहीं इस पूरे प्रकरण में करीब एक महीने पहले गांव के ही ननू का शव ड्रेन में मिलना है। अब पुलिस को ननू की हत्या के असली आरोपियों तक पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। इसी मामले में ओमप्रकाश के भाई बलराज ने भी करीब 20 दिन पहले आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस कर रही है जांच
पुलिस हर दृष्टिकोण से मामले की जांच कर रही है। ननू व बलराज की मौत के मामले में भी जांच जारी है। हां परिजनों ने गढ़ी थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत दी है। इसकी जांच की जा रही है। यदि कोई दोष मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
-कुलदीप सिंह, एएसपी, नरवाना।