रक्षाबंधन पर रोडवेज द्वारा किए गए खास प्रबंधनों की पोल खुली। दोपहर बाद महिलाओं के लिए की गई फ्री यात्रा में महिलाओं को बस ही नहीं मुहैया हो पाई। महिलाएं बस के इंतजार में भटकती रही। शाम पांच बजे भिवानी डिपो के रोडवेज कर्मचारियों की मनमानी सामने आई। भिवानी डिपो के चालक ने शाम पांच बजे काउंटर पर बस नहीं लगाई। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई। बस को देखते ही यात्री बस की तरफ भागे और बस में चढ़ने की कोशिश की। इस दौरान महिला यात्रियों को बस में चढ़ने के लिए जगह नहीं मिल पा रही थी, क्योंकि काउंटर पर बस लगने से पहले ही ज्यादातर पुरुष यात्री बस में चढ़ गए। बस में पुरुष यात्रियों की संख्या ज्यादा होने पर महिलाएं बाहर खिड़कियों पर ही लटक रही थीं तो फ्लाइंग टीम सदस्य गजे सिंह ने डंडा लेकर पुरुष यात्रियों को अंदर की तरफ धकेला, जिससे महिला यात्रियों को बस में खड़े रहने के लिए जगह मिल सकी।
इस मामले को लेकर जींद डिपो फ्लाइंग टीम सदस्य गजे सिंह व भिवानी डिपो की बस के चालक व परिचालक के बीच 15 मिनट तक कहा सुनी भी हुई। जब भिवानी डिपो के चालक व परिचालक को यह पता चला कि उनके साथ काउंटर पर बस नहीं लगाने पर बहस करने वाला जींद डिपो फ्लाइंग टीम सदस्य है तो वे तुरंत माफी मांगने गजे सिंह के पास पहुंचे।
गौरतलब है कि रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए रोडवेज ने फ्री यात्रा की सुविधा दी है। बुधवार दोपहर 12 बजे के बाद से ही महिलाओं की भीड़ बस स्टैंड पर उमड़ गई। इस दौरान ज्यादातर रोडवेज बसें ही यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रूटों पर संचालित की गई। महिलाओं की सुविधा के लिए फ्री बस चलाने का दावा करने वाली प्राइवेट बस आम दिनों की अपेक्षा और भी कम नजर आई। इस कारण हिसार, असंध, पानीपत, गाहेाना रूट पर महिलाओं को काफी परेशानी हुई, क्योंकि इन रूटों पर रोडवेज बसों की व्यवस्था बहुत कम है। ऐेसे में इन रूटों पर प्राइवेट बसों के सहारे ही यात्रियों को थोड़ी राहत है। वहीं रक्षा बंधन के चलते इन रूटों पर प्राइवेट बस कम ही दिखाई दी। इससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई।
बसों को रोके बिना यात्रियों को उतारने पर हुई कहासुनी
भिवानी डिपो का चालक बिना बस रोके ही यात्रियों को बस से उतार रहा था। उस समय अन्य यात्री भी बस में चढने लगे। फ्लाइंग टीम सदस्य गजे सिंह मौके पर मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने भिवानी डिपो के बस चालक को फटकार लगा दी क्योंकि बस रोके बिना ही यात्री बस में चढ़ व उतर रहे थे। इससे यात्रियों के चोटिल होने का खतरा बना हुआ था। ऐसे में चालक को काउंटर पर बस लगाकर यात्रियों को उतारने के आदेश दिए थे।
आरएस पूनिया, रोडवेज जीएम जींद।