दिल्ली जिला अदालत के लिए ग्रुप-डी प्रश्नपत्र लीक मामले में एसटीएफ ने सोमवार को दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने वाले को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर एसटीएफ की टीम दिल्ली में परीक्षा केंद्र से रिकॉर्ड एकत्रित कर इस तरह के दूसरे परीक्षार्थियों की पहचान करेगी। अब तक हुई जांच में खुलासा हुआ है कि दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने पर आरोपी डेढ़ से दो लाख रुपये लेता था। वहीं अन्य खर्चों के लिए पांच से सात हजार रुपये लेता था। आरोपी अब तक 12 परीक्षाएं दे चुका है।
28 फरवरी को गांव काकड़ौद व नचारखेड़ा के बीच एक मुर्गी फार्म में दिल्ली जिला अदालत के ग्रुप-डी की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक का भंडाफोड़ हुआ था। पुलिस ने इस मामले में कैग के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय के दो कर्मचारी सुरेंद्र व हरदीप को गिरफ्तार किया था। दोनों अब जेल में हैं। वहीं सोमवार को एसटीएफ ने हिसार जिले के गांव ढाणा खुर्द निवासी राजकुमार को गिरफ्तार किया था। वह दूसरे की जगह पर परीक्षा देता था। हालांकि अभी तक इस गिरोह का मुख्य सरगना अशोक नहीं गिरफ्तार हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगी हैं। दिल्ली पुलिस व एसटीएफ की टीमें आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार छापे मार रही हैं।
दिल्ली में परीक्षा केंद्र से जुटाया जा रहा रिकॉर्ड
पकड़े गए आरोपी रामकुमार की निशानदेही पर दिल्ली के परीक्षा केंद्र से रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। रिकॉर्ड के आधार पर ही अन्य आरोपियों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा आरोपी ने 15 माह से अशोक के साथ मिलकर दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने की बात मानी है। अभी तक वह इस तरह की 12 से ज्यादा परीक्षाओं में बैठ चुका है।
पवन सिंहमार, एसटीएफ इंचार्ज।