जींद जेल में हवालाती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परमजीत ने बोहली से धर्मगढ़ रोड पर एक पशुबाड़े से भैंस चोरी का प्रयास किया। यहां परमजीत को लोगों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने परमजीत से पूछताछ की और उसे अदालत में पेश किया।
जींद जिला जेल में चार दिन से बंद गांव मलिकपुर निवासी 32 वर्षीय परमजीत की जेल में ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने सीआईए टीम पर अधिक मारपीट करने के कारण हुई मौत के आरोप लगाए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है। फिलहाल परिजनों ने कोई ब्यान दर्ज नहीं करवाए हैं।
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एक फरवरी सीआईए स्टाफ सफीदों ने भैंस चोरी के आरोप में दो लोगों को पकड़ा था। इनमें गांव मलिकपुर निवासी परमजीत उर्फ पम्मी व उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले गांव कमहेड़ा निवासी नीतू शामिल थे। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की थी। पूछताछ में पता चला कि परमजीत के मामा का लड़का अंग्रेज भी भैंस चोरी का काम करता था। उसने परमजीत को भी इसी चोरी के मामले में शामिल कर लिया। परमजीत ने बोहली से धर्मगढ़ रोड पर एक पशुबाड़े से भैंस चोरी का प्रयास किया।
यहां परमजीत को लोगों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने परमजीत से पूछताछ की और उसे अदालत में पेश किया। अदालत ने परमजीत व नीतू को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। रविवार रात को परमजीत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने शव को नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। यहां न्यायाधीश परमजीत के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए पहुंचे। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने परमजीत को यातनाएं दी हैं, इसी कारण उसकी मौत हुई है। फिलहाल परिजनों ने ब्यान दर्ज नहीं करवाए हैं। नागरिक अस्पताल में शव रखा हुआ है।