जींद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सीआरएसयू के अध्यक्ष राहुल कक्कड़ ने विश्वविद्यालय के देरी से परिणाम जारी करने पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुछ विभागों और कॉलेज के विद्यार्थियों के इंटरनल अंक और प्रैक्टिकल व सेमिनार के मार्क्स समय पर नहीं भेजे। इसके कारण परीक्षा विभाग ने परिणाम रोक दिया। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में हर साल यही होता है। इसको लेकर हर विभाग को डॉ. निहाल सिंह ने आदेश दिया था कि 15 जनवरी तक अंक भेजे जाएं, लेकिन विश्वविद्यालय के कुछ विभागों ने प्रैक्टिकल 20 जनवरी तक भी करवाई। अंतिम दिन जाने के बाद इंटरनल और प्रैक्टिकल परीक्षा के मार्क्स सबमिट नहीं हो सके। इसके बाद विश्वविद्यालय ने परिणाम रोक दिया। अब सभी डिपार्टमेंट कुलपति कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, ताकि उनको जुर्माना न भरना पड़े। परिणाम जारी नहीं होने के कारण विद्यार्थियों का रिवोल्यूशन फॉर्म नहीं भरा जाता। इसके विद्यार्थियों को 300 की जगह 600 रुपये देने पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अगर समय से परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया तो वह आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।