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ऑनलाइन परीक्षा: कहीं चाची दे रही थी भतीजी का पेपर, कहीं सहेली बनी सहारा, पकड़े गए नकल के अजब-गजब तरीके

Sat, 05 Mar 2022 08:52 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

हरियाणा के जींद में स्थित चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की ऑनलाइन परीक्षा में फर्जीवाड़ा करते कई विद्यार्थी पकड़ गए। एक जगह लड़की की परीक्षा देते लड़के को पकड़ा गया। कुल 801 परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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हरियाणा के जींद में स्थित चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) की ओर से ली जा रही परीक्षाओं में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। शनिवार को विवि के उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनुपम भाटिया ने ऐसे दो स्थानों पर छापे मारे। परीक्षा के दौरान कहीं चाची अपने भतीजी की परीक्षा दे रही थी तो कहीं सहेली परीक्षा में मदद कर रही थी। एक जगह लड़की की जगह लड़का ही परीक्षा दे रहा था।  शनिवार को कुल 801 परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया है। विवि ने इन सभी के केस बना दिए हैं। 

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गौरतलब है कि छात्र संगठनों ने ऑनलाइन परीक्षा की मांग को लेकर पिछले महीने जोरदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद ही विवि ने ऑनलाइन परीक्षाओं की अनुमति दी थी। ऐसे में अब अधिकारियों का कहना है कि इसीलिए ऑनलाइन परीक्षाओं की मांग की जा रही थी कि नकल की जा सके, लेकिन अब तक सीआरएसयू ने बड़े स्तर पर ऑनलाइन परीक्षाओं में नकल के मामले पकड़े हैं। परीक्षाएं 23 फरवरी से शुरू हुई थी और अब तक 5795 केस बन चुके हैं।

साइबर कैफे व लाइब्रेरी की मोटी कमाई
दरअसल, ऑनलाइन परीक्षा उम्मीदवारों को स्थान व इंटरनेट देने के बदले साइबर कैफे व लाइब्रेरी मोटी कमाई करते हैं। हालांकि लाइब्रेरी द्वारा प्रतिमाह 600 से एक हजार रुपये प्रति उम्मीदवार की सदस्या दी जाती है। वहीं, कैफे हाउस प्रति विद्यार्थी एक परीक्षा के 200 से 300 रुपये तक वसूलते हैं। 
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रोहतक से परीक्षा देने जींद आया युवक
एक स्थान पर हुई जांच के दौरान एक युवक को परीक्षा देते पकड़ा तो युवक ने बताया कि वह रोहतक के किसी कॉलेज का छात्र है और जींद में एक लड़की की परीक्षा देने आया है। हालांकि युवक ने बताया कि परीक्षा देने के लिए उसने पैसे नहीं लिए, सिर्फ जान पहचान के कारण ही परीक्षा दे रहा है।

मां बोली मेरी बेटी तो अकेली दे रही है परीक्षा
एक स्थान पर कार्रवाई के दौरान एक छात्रा की मां भी मौजूद थी। छात्रा ने कहा कि गांव में इंटरनेट की सही सुविधा नहीं होने के कारण वह साइबर कैफे में आई है। इस पर उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनुपम भाटिया ने कहा कि यदि ऐसा है तो वह कॉलेज में जा सकती थी। इस पर बाहर बैठक छात्रा की मां ने कहा कि उसकी बेटी तो अकेली ही परीक्षा दे रही है। डॉ. भाटिया ने कहा कि उन्हें बच्चों को नकल करने से रोकना चाहिए। नकल को बढ़वा नहीं देना चाहिए। यह छात्रा किताब खोल कर परीक्षा दे रही थी। 

संस्थागत परीक्षा करवाना गैरकानूनी

परीक्षा के लिए विवि की ओर से नियम तय किए गए हैं। इससे पहले सफीदों में भी इसी प्रकार का मामला पकड़ा गया है। शनिवार को परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश बंसल के निर्देश पर कार्रवाई की गई। जींद में दो स्थानों पर समूह में परीक्षा देने के मामले पकड़े गए हैं। यह गलत है। कोचिंग सेंटर, साइबर कैफे व लाइब्रेरी से भी आगाह किया जा रहा है कि वे ऐसा नहीं करें। यदि भविष्य में कोई भी ऐसा करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अनुपम भाटिया, उप परीक्षा नियंत्रक, सीआरएसयू। 


कोचिंग सेंटर, साइबर कैफे व लाइब्रेरी बन रहे नकल के अड्डे
चौधरी रणबीर सिंह विवि की ओर से आयोजित स्नातक व स्नाकोत्तर की ऑनलाइन परीक्षाओं में यूएमसी का नया रिकार्ड बन रहा है। अब  तक हुई परीक्षाओं में 5795 यूएमसी बन चुकी हैं। शनिवार को भी 801 उम्मीदवारों के केस बनाए गए। इसमें खुलासा हुआ है कि कोचिंग सेंटर, साइबर कैफे व निजी लाइब्रेरी नकल के अड्डा बन रहे हैं। यहां बड़े स्तर पर नकल का खेल चलता है। शनिवार को शहर के हिंदू कॉलेज के पास एक साइबर कैफे व एक लाइब्रेरी में इस खेल का खुलासा हुआ। 

सीआरएसयू के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि कुछ जगह पर काफी संख्या में उम्मीदवार एक साथ बैठ कर परीक्षाएं दे रहे हैं। ऐसे में उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनुपम भाटिया ने इन दोनों स्थानों पर दबिश दी। साइबर कैफे पर दो छात्राएं परीक्षा दे रही थी और तीन अन्य छात्राएं उनकी परीक्षा करवाने में मदद कर रही थी। इसी प्रकार एक लाइब्रेरी में 16 छात्राओं की यूएमसी बनी। इनमें से कुछ पुस्तक खोलकर परीक्षा दे रही थी तो कुछ ने मदद के लिए अपने साथ दूसरे लोगों को लगा रखा था।
 

नकल रोकने के लिए पहले सही विवि पूरी तरह से मुस्तैद है। इसके तहत ही अपने पूरी टीम को सक्रिय कर रखा है। शनिवार को इन स्थानों की सूचना मिली थी। इस पर जांच की तो एक जगह दो छात्राएं व दूसरी जगह 16 छात्राएं परीक्षा के दौरान नकल करती पकड़ी गई हैं। इनका केस बना दिया गया है। -डॉ. अनुपम भाटिया, उप परीक्षा नियंत्रक, चौधरी रणबीर सिंह विवि।

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