हरियाणा के जींद में स्थित चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) की ओर से ली जा रही परीक्षाओं में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। शनिवार को विवि के उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनुपम भाटिया ने ऐसे दो स्थानों पर छापे मारे। परीक्षा के दौरान कहीं चाची अपने भतीजी की परीक्षा दे रही थी तो कहीं सहेली परीक्षा में मदद कर रही थी। एक जगह लड़की की जगह लड़का ही परीक्षा दे रहा था। शनिवार को कुल 801 परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया है। विवि ने इन सभी के केस बना दिए हैं।
परीक्षा के लिए विवि की ओर से नियम तय किए गए हैं। इससे पहले सफीदों में भी इसी प्रकार का मामला पकड़ा गया है। शनिवार को परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश बंसल के निर्देश पर कार्रवाई की गई। जींद में दो स्थानों पर समूह में परीक्षा देने के मामले पकड़े गए हैं। यह गलत है। कोचिंग सेंटर, साइबर कैफे व लाइब्रेरी से भी आगाह किया जा रहा है कि वे ऐसा नहीं करें। यदि भविष्य में कोई भी ऐसा करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अनुपम भाटिया, उप परीक्षा नियंत्रक, सीआरएसयू।
कोचिंग सेंटर, साइबर कैफे व लाइब्रेरी बन रहे नकल के अड्डे
चौधरी रणबीर सिंह विवि की ओर से आयोजित स्नातक व स्नाकोत्तर की ऑनलाइन परीक्षाओं में यूएमसी का नया रिकार्ड बन रहा है। अब तक हुई परीक्षाओं में 5795 यूएमसी बन चुकी हैं। शनिवार को भी 801 उम्मीदवारों के केस बनाए गए। इसमें खुलासा हुआ है कि कोचिंग सेंटर, साइबर कैफे व निजी लाइब्रेरी नकल के अड्डा बन रहे हैं। यहां बड़े स्तर पर नकल का खेल चलता है। शनिवार को शहर के हिंदू कॉलेज के पास एक साइबर कैफे व एक लाइब्रेरी में इस खेल का खुलासा हुआ।
सीआरएसयू के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि कुछ जगह पर काफी संख्या में उम्मीदवार एक साथ बैठ कर परीक्षाएं दे रहे हैं। ऐसे में उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनुपम भाटिया ने इन दोनों स्थानों पर दबिश दी। साइबर कैफे पर दो छात्राएं परीक्षा दे रही थी और तीन अन्य छात्राएं उनकी परीक्षा करवाने में मदद कर रही थी। इसी प्रकार एक लाइब्रेरी में 16 छात्राओं की यूएमसी बनी। इनमें से कुछ पुस्तक खोलकर परीक्षा दे रही थी तो कुछ ने मदद के लिए अपने साथ दूसरे लोगों को लगा रखा था।
नकल रोकने के लिए पहले सही विवि पूरी तरह से मुस्तैद है। इसके तहत ही अपने पूरी टीम को सक्रिय कर रखा है। शनिवार को इन स्थानों की सूचना मिली थी। इस पर जांच की तो एक जगह दो छात्राएं व दूसरी जगह 16 छात्राएं परीक्षा के दौरान नकल करती पकड़ी गई हैं। इनका केस बना दिया गया है। -डॉ. अनुपम भाटिया, उप परीक्षा नियंत्रक, चौधरी रणबीर सिंह विवि।